सुनील ओसवाल / मुंबई
दिवाली से पहले राज्य सरकार ने आम जनता को महंगाई का एक और झटका दिया है। बाढ़ और अतिवृष्टि से पहले ही परेशान लोगों को अब एसटी बस यात्रा के लिए अधिक पैसे चुकाने होंगे। महाराष्ट्र राज्य परिवहन महामंडल (एमएसआरटीसी) ने १५ अक्टूबर से ५ नवंबर २०२५ के बीच बस किराए में १० प्रतिशत तक की बढ़ोतरी करने का निर्णय लिया है।
मुंबई, पुणे, नासिक, ठाणे जैसे बड़े शहरों में काम करनेवाले हजारों कामगार दिवाली पर अपने गांवों की ओर लौटते हैं। ऐसे में किराए में की गई यह बढ़ोतरी उनकी जेब पर सीधा असर डालनेवाली है। सूत्रों के अनुसार, त्योहारों के मौसम में यात्रा करनेवालों की संख्या में भारी इजाफा होता है। इस भीड़ का फायदा उठाते हुए राज्य परिवहन को आर्थिक नुकसान की भरपाई की उम्मीद है। जानकारी के अनुसार, जनवरी २०२५ में भी एसटी ने १४.९५ प्रतिशत तक किराया बढ़ाया था, जो सभी सेवाओं पर लागू किया गया था।
जनता पर दोहरी मार
एक ओर प्राकृतिक आपदा (बाढ़, अतिवृष्टि) से जनजीवन अस्त-व्यस्त है, वहीं अब परिवहन खर्च में बढ़ोतरी से आम लोगों की परेशानियां और बढ़ गई हैं। त्योहारों में जहां लोग घर जाकर अपने परिवार के साथ समय बिताना चाहते हैं, वहीं अब उन्हें यात्रा के लिए ज्यादा जेब ढीली करनी पड़ेगी।
सरकार के फैसले पर सवाल
त्योहारों के समय जब गरीब और मध्यमवर्गीय परिवार पहले से ही मंहगाई की मार झेल रहे हैं, ऐसे में किराया बढ़ाने का फैसला आम लोगों की नाराजगी का कारण बन सकता है। हालांकि, सरकार को उम्मीद है कि इस बढ़ोतरी से एसटी को आर्थिक रूप से राहत मिलेगी। त्योहारों के मौसम में जनता को राहत देने के बजाय, राज्य सरकार द्वारा किराए में की गई यह वृद्धि आम आदमी के लिए ‘महंगाई का दिवाली फटका’ साबित हो रही है। परिवहन व्यवस्था को आर्थिक सहारा देने की यह कोशिश, आम जनता की जेब पर भारी पड़ रही है।
किन बसों में बढ़ेगा किराया?
यह बढ़ोतरी एसटी की सभी बसों पर लागू नहीं होगी। शिवनेरी और शिवाई बस सेवाओं में पुराने किराए ही लागू रहेंगे। शिवशाही सेमी-लक्जरी तथा अन्य नियमित एसटी बसों में १० प्रतिशत की बढ़ोतरी की जाएगी।
