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डर गए शिंदे!..सभा को आजाद मैदान से नेस्को में किया शिफ्ट… भीड़ की चिंता, घटती लोकप्रियता ने बढ़ाया टेंशन

सामना संवाददाता / मुंबई

शिवसेना के साथ गद्दारी करनेवाले एकनाथ शिंदे गुट की लोकप्रियता का ग्राफ कम हो रहा है। जैसे-जैसे शिंदे गुट को सीएम फडणवीस दबा रहे है, वैसे-वैसे उनके कार्यकर्ताओं का पार्टी से मोहभंग हो रहा है। इसका असर कल होनेवाली शिंदे गुट की दशहरा रैली में दिखेगा। शिंदे गुट में अब भीड़ नहीं जुटेगी, जिसके डर से शिंदे ने अपने रैली का स्थान भी बदल दिया है। उनकी रैली अब आजाद मैदान में नहीं, बल्कि गोरेगांव के नेस्को कंपाउंड में आयोजित की जाएगी, जहां मात्र ५ से ७ हजार लोगों की क्षमता है।
सूत्रों के अनुसार, शिंदे गुट अब आर्थिक रूप से और कार्यकर्ताओं की संख्या दोनों से कमजोर हो चुका है। वह भीड़ जुटाने में असमर्थ है। ऐसे में रैली के लिए आजाद मैदान जैसे विशाल मैदान को छोड़कर सीमित क्षमता वाले नेस्को कंपाउंड का चयन किया है। उल्लेखनीय है कि दशहरा के दिन शिंदे गुट रैली आयोजित करता है। इस बार भी उसने आजाद मैदान का चयन किया था, लेकिन जब शिंदे गुट को पता चला कि इस बार उनकी रैली में आनेवालों की संख्या तेजी से घट रही है। उसके कार्यकर्ता इस रैली में आने से कन्नी काट रहे तो उसने आजाद मैदान छोड़कर नेस्को में रैली आयोजित करने का पैâसला किया है। इस बारे में शिंदे गुट के एक नेता ने बताया कि हमने पहले आजाद मैदान का ही चयन किया था, लेकिन भारी बारिश के चलते वहां रैली आयोजित करना मुश्किल था।
ठाणे से लोगों को लाने की तैयारी
सूत्रों के अनुसार, पिछले लगभग डेढ़ वर्षों में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने एकनाथ शिंदे को जमकर दबाया है। ऐसे में शिंदे की ताकत जहां कम हो गई है, वहीं उनके बुरे दिन देख उनके कार्यकर्ता भी टूट गए हैं। ऐसे में इस रैली में अपेक्षा से बहुत कम संख्या में कार्यकर्ता जुटने की संभावना जताई जा रही है। ठाणे से लोगों को लाने की तैयारी की बात कही जा रही है इसलिए आजाद मैदान छोड़कर नेस्को में रैली करने का निर्णय लिया है। यहां पर ५ से ७ हजार लोगों की ही क्षमता है। यहां कम संख्या में कार्यकर्ताओं के साथ ही हाल खचाखच भरा हुआ दिखाई देगा, जो शिंदे के लिए अपनी नाकामी छुपाने के एक मौका भी होगा।

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