सामना संवाददाता / मुंबई
राज्य सरकार की अलीबाग-विरार बहुउद्देशीय कॉरिडोर परियोजना पर ग्रहण लग गया है। यानी निधि के अभाव में परियोजना ठप पड़ने की संभावना व्यक्त की जा रही है। बताया जाता है कि भूमि अधिग्रहण के लिए महाराष्ट्र सड़क विकास निगम से निधि उपलब्ध न होने के कारण भूमि अधिग्रहण का कार्य ठप पड़ गया है इसलिए परियोजना के कार्य में रुकावट के संकेत मिल रहे हैं। गौरतलब हो कि अलीबाग-विरार बहुउद्देशीय कॉरिडोर परियोजना के पहले चरण में रायगड़ जिले में ५७१ हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा। इसमें पनवेल, उरण और पेण में ६३ हेक्टेयर भूमि शामिल है। परियोजना के लिए पेण में ११५ हेक्टेयर, पनवेल में १६७ हेक्टेयर और पनवेल जिलाधिकारी के अधिकार क्षेत्र में आनेवाली २८७ हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा। भूमि अधिग्रहण के लिए आवश्यक संयुक्त गणना पूरी हो चुकी है और दरें भी तय कर दी गई हैं।
महाराष्ट्र राजमार्ग अधिनियम, १९५५ की धाराओं के तहत भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। तदनुसार, किसानों को धारा १५(२), १८(१) और १९(बी) (३) के नोटिस दिए जा चुके हैं। इस परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण निजी बातचीत के माध्यम से किया जा रहा है, लेकिन किसानों की ओर से बहुत कम प्रतिसाद मिल रहा है। जहां ५७१ हेक्टेयर भूमि अधिग्रहण की उम्मीद थी, वहीं अब तक केवल १३० हेक्टेयर भूमि ही समझौते के माध्यम से अधिग्रहित की गई है। इसलिए, ४४० हेक्टेयर भूमि अधिग्रहण अभी भी लंबित है। यानी लगभग ८० प्रतिशत भूमि अधिग्रहण अभी भी लंबित है।
८० प्रतिशत भूमि का अधिग्रहण बाकी
चूंकि भूमि अधिग्रहण लिए निधि उपलब्ध नहीं हो रही है, इसलिए परियोजना के काम में देरी होने के संकेत मिल रहे हैं। बता दें कि महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास निगम से अब तक भूमि अधिग्रहण के लिए २,४०७ करोड़ रुपए की निधि प्राप्त हुई है, जिसमें से २,४०३ करोड़ रुपए मुआवजे के रूप में वितरित किए गए हैं। परंतु आगे भूमि अधिग्रहण के लिए आवश्यक निधि करीब ८०० करोड़ रुपए उपलब्ध नहीं कराई गई है, इसलिए आगे की भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया रोक दी गई है।
निधि प्राप्त करने के लिए महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास निगम के साथ संपर्क जारी है। निधि प्राप्त होते ही शेष भूमि अधिग्रहण का कार्य शुरू हो सकेगा।
– पवन चांडक (उप जिलाधिकारी) पनवेल
