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डोंबिवली में १०६ इमारतों और ४२४ भू-माफियाओं की करो जांच! … निर्भय बनो संस्था ने की ईडी से मांग

– करोड़ों रुपए वित्तीय घोटाले का होगा पर्दाफाश
सामना संवाददाता / मुंबई
डोंबिवली के आस-पास के २७ में से १२ गांवों में सर्वे नंबर ७१, ६८ और ६३ पर दस साल पहले भू-माफियाओं द्वारा बनाई गई ४१ अवैध इमारतें और डोंबिवली में ६५ अवैध इमारतें बनाने वाले भू-माफिया में से अधिकांश एक जैसे हैं। इन इमारतों का फर्जी दस्तावेज और फर्जी अनुमोदन दस्तावेज तैयार करने का उनका तरीका भी एक जैसा है। ऐसे में २७ गांवों व डोंबिवली शहर में ऐसी १०६ अवैध इमारतों के कुल ४२४ भू-माफियाओं के खिलाफ संयुक्त जांच शुरू करने की मांग डोंबिवली में निर्भय बनो संस्था ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) निदेशक से की है। संस्था ने अपनी शिकायत में कहा है कि इससे एक बड़े वित्तीय घोटाले का पर्दाफाश होगा।
बताया जाता है कि दस साल पहले ८४ भू-माफियाओं ने डोंबिवली के पास २७ गांवों में भूमि सर्वेक्षण संख्या ७१, ६८, ६३ पर जिलाधिकारियों और जिला परिषद अधिकारियों के नकली हस्ताक्षर बनाए। इन कार्यालयों के नकली दस्तावेज बनाकर, २७ गांवों में कुल ४१ अवैध इमारतों का निर्माण किए थे। इन इमारतों के निर्माण के लिए आवश्यक नकली अनुमोदन दस्तावेज एक विशिष्ट भू-माफिया और उसके गिरोह द्वारा तैयार किए गए थे।
श्रमिकों के नाम से बनाए दस्तावेज
फंसने से बचने के लिए भू-माफियाओं ने अपने ड्राइवरों, आंध्र प्रदेश, झारखंड, उत्तर प्रदेश और कर्नाटक के मजदूरों के नाम पर ये दस्तावेज तैयार किए थे। इन मजदूरों के आधार कार्ड, पैन कार्ड और बैंक खातों का उपयोग करके भू-माफियाओं ने घर खरीदारों को घर बेचे और उसके माध्यम से प्राप्त धन इन मजदूरों के बैंक खातों में जमा कर दिया। भू-माफियाओं ने इन श्रमिकों को ५० हजार से लेकर लाख रुपए देकर श्रमिकों को उनके मूल गांव भेज दिए, ताकि कानूनी कार्रवाई से बचे रहें। इस तरह इन भू-माफियाओं ने करोड़ों रुपए सरकारी राजस्व का नुकसान किया है।

 

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