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विवाह का झांसा, आतंक का `धंधा’…शादी करो और शहीद हो जाओ!

-हिंदुस्थानी महिलाओं को बनाया जा रहा स्लीपर सेल

-पाकिस्तान में बैठे `आतंकी…आका’ का खतरनाक `खेल’

-एटीएस ने जयपुर से ३७ वर्षीय महिला को किया गिरफ्तार

-सुरक्षा एजेंसियों की जांच में चौंकाने वाले संकेत

सामना संवाददाता / नई दिल्ली

विवाह का झांसा देकर कथित तौर पर देशविरोधी गतिविधियों के लिए महिलाओं का इस्तेमाल किए जाने की आशंका ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। जयपुर से ३७ वर्षीय महिला की गिरफ्तारी के बाद जांच एजेंसियों को ऐसे संकेत मिले हैं, जिनसे सीमा पार बैठे संदिग्ध संचालकों के एक सुनियोजित नेटवर्क पर शक गहरा गया है। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि क्या सोशल मीडिया, प्रेम संबंधों और विवाह के बहाने महिलाओं को प्रभावित कर उन्हें संवेदनशील सूचनाएं जुटाने या अन्य गतिविधियों के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था। मामले के सामने आने के बाद सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर हैं और कई अहम कड़ियों की जांच तेज कर दी गई है।
बता दें कि राजस्थान की राजधानी जयपुर में सुरक्षा एजेंसियों की बड़ी कार्रवाई ने सनसनी पैâला दी है। आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से कथित संपर्कों के आरोप में ३७ वर्षीय महिला को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। सैन्य खुफिया विभाग से मिले इनपुट के बाद राजस्थान एटीएस ने जांच शुरू की और कई अहम सुराग हाथ लगने का दावा किया है। जांच एजेंसियों के अनुसार, महिला सोशल मीडिया के जरिए जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े एक कथित हैंडलर के संपर्क में थी। उसके मोबाइल फोन, सोशल मीडिया अकाउंट, चैट हिस्ट्री और अन्य डिजिटल रिकॉर्ड की गहन जांच की जा रही है। एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि यह संपर्क केवल ऑनलाइन बातचीत तक सीमित था या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क सक्रिय था। बबीता के मोबाइल में जैश-ए-मोहम्मद कमांडर के नेटवर्क से जुड़े नंबर मिले हैं। पाकिस्तान में बैठे एक मौलवी ने फोन के माध्यम से उसका धर्म परिवर्तन कराया था और उसे पाकिस्तान बुलाने की योजना बनाई जा रही थी। मौलवी ने बबीता को बताया था कि अबू-उबैदाह नाम का व्यक्ति उससे शादी करना चाहता है। इसके लिए उसे नमाज और कुरान पढ़ने तथा धार्मिक तौर-तरीकों का पालन करने के निर्देश दिए गए थे।
कई राज्यों में लड़कियों का ब्रेनवॉश कर रही जैश
जांच एजेंसियों को आशंका है कि इस तरह के नेटवर्क भारत में महिलाओं को ऑनलाइन प्रभावित कर स्लीपर सेल, लॉजिस्टिक सपोर्ट या प्रचार नेटवर्क के रूप में इस्तेमाल करने की कोशिश कर सकते हैं। कुछ मामलों में महिला सदस्यों की भर्ती और नेटवर्क विस्तार के प्रयासों की जांच की गई है।
बबीता ने ऑनलाइन कलमा पढ़कर अपनाया था इस्लाम
अधिकारियों के मुताबिक, महिला ने इंटरनेट के माध्यम से धर्म परिवर्तन किया था और उसके बाद उसकी ऑनलाइन गतिविधियों में उल्लेखनीय बदलाव दर्ज किए गए।

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