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राज्य में बाल विवाह की बलि चढ़ रहीं बेटियां…अब शादी के कार्ड में दर्ज करना होगा जन्मदिन

सामना संवाददाता / मुंबई

महाराष्ट्र में बढ़ते बाल विवाह के मामलों ने सरकार की चिंता बढ़ा दी है। विधानसभा में महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, राज्य के कई जिलों में बड़ी संख्या में लड़कियों की शादी १८ वर्ष की आयु से पहले ही कर दी जा रही है। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए राज्य सरकार अब राजस्थान की तर्ज पर एक महत्वपूर्ण कदम उठाने की तैयारी में है। जिसके तहत शादी के निमंत्रण पत्र यानी विवाह कार्ड पर दूल्हा और दुल्हन दोनों की जन्मतिथि दर्ज करना अनिवार्य होगा। इस प्रस्ताव को अंतिम रूप दिए जाने की प्रक्रिया चल रही है। विधानसभा में महिला बालविकास मंत्री अदिति तटकरे ने प्रश्नोत्तर काल के तहत यह जानकारी दी। इस दौरान दी गई जानकारी के अनुसार, राज्य के कुछ जिलों में बाल विवाह के मामले चिंताजनक स्तर पर हैं। परभणी जिले में ४८ प्रतिशत, बीड़ में ४३.७ प्रतिशत, धुले में ४०.५ प्रतिशत तथा सोलापुर में ४०.३ प्रतिशत लड़कियों की शादी १८ वर्ष की आयु से पहले होने की जानकारी सामने आई है। महिला एवं बाल विकास विभाग ने विधानसभा में बताया कि वर्तमान में कई मामलों में नाबालिग लड़के-लड़कियों के विवाह कराए जाते हैं।

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