-१२ लाख रुपए का लगाया दंड…एक महीने में जमा करनी होगी राशि
सामना संवाददाता / मुंबई
मुंबई महानगरपालिका के चेंबूर स्थित शताब्दी अस्पताल में एक महिला सफाई कर्मचारी द्वारा एक मरीज का ईसीजी करने के मामले को मानवाधिकार आयोग ने गंभीरता लिया है। मानवाधिकार आयोग ने शताब्दी अस्पातल पर हंटर चलाते हुए मनपा पर १२ लाख रुपए का दंड ठोक दिया। इससे अस्पताल प्रशासन में खलबली मच गई है।
बताया जाता है कि यह जुर्माना आयोग के अध्यक्ष ए. एम. बदर ने लगाया है। जुर्माने की राशि एक महीने के भीतर महाराष्ट्र विधि सेवा प्राधिकरण को जमा करनी होगी। अगर एक महीने के भीतर यह राशि जमा नहीं की जाती है, तो आठ प्रतिशत ब्याज देना होगा, ऐसा स्पष्ट आदेश आयोग ने मनपा प्रशासन को दिया है।
मानवाधिकारों का उल्लंघन
शताब्दी अस्पताल में ईसीजी तकनीशियन का पद एक साल से रिक्त है। इससे मानवाधिकारों का उल्लंघन हुआ है। आयोग ने मनपा को फटकार लगाते हुए कहा है कि शताब्दी अस्पताल में आने वाले सैकड़ों मरीजों के मानवाधिकारों की रक्षा नहीं की गई है।
प्रति वर्ष ५०१६ ईसीजी
शताब्दी अस्पताल में प्रति माह ४१८ और प्रति वर्ष ५०१६ मरीजों का ईसीजी किया जाता है। आयोग ने आरोप लगाया कि इन सभी मरीजों के मानवाधिकारों का उल्लंघन किया गया है।
ईसीजी तकनीशियन की करें नियुक्ति
आयोग के अध्यक्ष बदर ने मनपा प्रशासन को निर्देश दिया है कि वह यहां ईसीजी विभाग में तुरंत एक प्रशिक्षित तकनीशियन की नियुक्ति करे।
