मुख्यपृष्ठनए समाचारजातिगत गालियां, मानसिक उत्पीड़न ने ली आईपीएस की जान!

जातिगत गालियां, मानसिक उत्पीड़न ने ली आईपीएस की जान!

-वाई पूरन की पत्नी ने बड़े अफसरों पर ठोका मुकदमा

हरियाणा के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी वाई पूरन कुमार की आत्महत्या के मामले ने पूरे राज्य के प्रशासनिक ढांचे को हिला दिया। मामले में अब मुख्यमंत्री नायब सैनी के हस्तक्षेप के बाद बड़े कदम उठाए जाने की तैयारी है। वाई पूरन कुमार की पत्नी और आईएएस अधिकारी अमनीत पी कुमार ने बुधवार को सेक्टर ११ थाना, चंडीगढ़ में दर्ज कराई थी। अपनी लिखित शिकायत में उन्होंने डीजीपी हरियाणा शत्रुजीत सिंह कपूर और एसपी रोहतक नरेंद्र बिजारनिया पर अपने पति को मानसिक प्रताड़ना देने, जातिगत गालियां, भेदभाव करने और आत्महत्या के लिए उकसाने के गंभीर आरोप लगाए हैं।
सूत्रों के मुताबिक, डीजीपी शत्रुजीत सिंह कपूर को छुट्टी पर भेजने का निर्णय हो गया है, जबकि ओपी सिंह को कार्यवाहक डीजीपी बनाए जाने की संभावना है। इसी तरह रोहतक के एसपी नरेंद्र बिजारनिया को भी छुट्टी पर भेजा जाएगा। यह कदम उस शिकायत के बाद सामने आया है, जो वाई पूरन कुमार की पत्नी और आईएएस अधिकारी अमनीत पी कुमार ने बुधवार को सेक्टर ११ थाना, चंडीगढ़ में दर्ज कराई थी।
परिवार की चार मांगें
अमनीत पी. कुमार ने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में चार प्रमुख मांगें रखी थीं। पहला ये कि आत्महत्या नोट और शिकायत में नामजद सभी व्यक्तियों के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज की जाए। दूसरा, सभी आरोपियों को तुरंत निलंबित और गिरफ्तार किया जाए ताकि जांच पर कोई प्रभाव न पड़े। तीसरा, परिवार, विशेषकर उनकी दो बेटियों को स्थायी सुरक्षा कवर प्रदान किया जाए। चौथा, परिवार की गरिमा और अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित की जाए, क्योंकि वे अभी भी डर और दबाव में हैं।

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