मुख्यपृष्ठसमाज-संस्कृति‘पढ़ना जीवन को आसान बनाता है!’-वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक सरदार नाले

‘पढ़ना जीवन को आसान बनाता है!’-वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक सरदार नाले

सामना संवाददाता / मुंबई
छत्रपति शाहू महाराज महाराष्ट्र के पहले राजा थे, जिन्होंने बच्चों को स्कूल न भेजने पर माता-पिता पर जुर्माना लगाया था। शिक्षा के महत्व को जानकर मैंने प्रगति की है और पुलिस में एक महत्वपूर्ण पद पर काम करने का अवसर प्राप्त हुआ है, ऐसा यातायात विभाग के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक सरदार नाले ने यहां पठन-प्रेरणा दिवस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में कहा।
संस्था के अध्यक्ष विधायक सचिनभाऊ अहीर की पहल पर कल मनोहर फाल्के हॉल में पठन-प्रेरणा दिवस समारोह का आयोजन किया गया। समारोह की अध्यक्षता पुस्तकालय के अध्यक्ष और राष्ट्रीय मिल मजदूर संघ के महासचिव गोविंदराव मोहिते ने की।
राष्ट्रीय मिल मजदूर संघ सार्वजनिक पुस्तकालय एवं पुस्तकालय की ओर से पूर्व राष्ट्रपति स्वर्गीय एपीजे अब्दुल कलाम की जयंती के अवसर पर पठन-प्रेरणा दिवस का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित यातायात विभाग के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक सरदार नाले ने भारत के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की और उनका अभिवादन किया। इस मौके पर अध्यक्ष गोविंदराव मोहिते ने कहा कि यह कार्यक्रम मुंबई के सभी स्कूलों में लागू किया जाना चाहिए। पुस्तकालयाध्यक्ष ममता घाडी ने प्रस्तावना प्रस्तुत की। कथाकार काशीनाथ माटल, उपाध्यक्ष बजरंग चव्हाण, रंगकर्मी राघव कुमार के साथ-साथ पाठक सुनीता धुलगंडे, उषा सोहनी, शंकर मोरे ने भी भाषण दिए। इस अवसर पर उपाध्यक्ष बोरकर, सचिव शिवाजी काले, साईं निकम और अन्य गणमान्य उपस्थित थे। संस्था के संगठन सचिव एम.पी. पाटील को उनके जन्मदिन पर सम्मानित किया गया, साथ ही निरंतर पठन-पाठन के प्रति रुचि जगाने वाले पाठकों को अतिथियों ने प्रशंसा पत्र और पुस्तकें देकर सम्मानित किया। कोषाध्यक्ष निवृत्ति देसाई ने उपस्थित लोगों का धन्यवाद किया।

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