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शमशान भूमि मार्ग की बदहाली से नागरिक त्रस्त — महीनों से खुदा गड्ढा बना मौत का जाल

अनिल मिश्रा / उल्हासनगर

शहर के कैंप नंबर 1 और 2 को जोड़ने वाले शमशान भूमि मार्ग की हालत बेहद खस्ता हो चुकी है। महीनों से सड़क पर पड़े गड्ढे और टूटी पाइपलाइन के कारण इस रास्ते से गुजरना नागरिकों के लिए किसी यातना से कम नहीं है। हालात इतने खराब हैं कि अब मृतक के साथ अंतिम यात्रा में शामिल लोग भी परेशानी झेल रहे हैं।

मिली जानकारी के अनुसार, कैंप नंबर 1 और 2 के निवासियों के अंतिम संस्कार के लिए म्हारल गांव के समीप शमशान भूमि का निर्माण किया गया है, जो एक ट्रस्ट द्वारा संचालित है। लेकिन फक्कड मंडली से शमशान भूमि की ओर जाने वाला मार्ग पूरी तरह जर्जर हो चुका है। सीमेंट की सड़क जगह-जगह से टूटी हुई है, वहीं बगल से गुजरने वाली पानी की लाइन भी फट चुकी है। टूटे पाइप से लगातार बहते पानी के कारण सड़क कीचड़ में तब्दील हो गई है, जिससे आम नागरिकों, एमआईडीसी क्षेत्र के कामगारों और शव ले जाने वाले वाहनों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।

स्थिति और भी भयावह तब हो गई जब संकट मोचन हनुमान मंदिर के समीप कमला नेहरू नगर नाले पर महीनों से सड़क को खोदकर अधूरा छोड़ दिया गया। नाले पर बना अस्थायी मार्ग इतना संकरा और असुरक्षित है कि शव वाहनों के अलावा अन्य वाहनों की आवाजाही लगभग बंद हो गई है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि इस टूटी-फूटी सड़क के चलते कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।

मनसे पदाधिकारी योगीराज देशमुख ने प्रशासन के खिलाफ जमकर नाराजगी व्यक्त करते हुए सड़क पर धरना दिया। उन्होंने सवाल उठाया, “क्या प्रशासन किसी दुर्घटना में मौत होने के बाद ही इस सड़क पर पुलिया बनाएगा?”

इस मुद्दे पर जब प्रभाग 1 के सहायक आयुक्त और उल्हासनगर मनपा के जनसंपर्क अधिकारी अजय साबले से संपर्क किया गया, तो उन्होंने बताया कि मामले की जांच के आदेश दे दिए गए हैं और जल्द से जल्द मरम्मत कार्य शुरू किया जाएगा।

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