अनिल मिश्रा / बदलापुर
बदलापुर रेलवे स्टेशन की बंद स्वचालित सीढ़ी को लेकर यात्रियों में गहरा आक्रोश देखा गया। महीनों से बंद पड़ी इस सीढ़ी के कारण यात्रियों को रोजाना भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगों, गर्भवती महिलाओं और बच्चों के साथ यात्रा करने वाले यात्रियों को प्लेटफार्म से पूर्व और पश्चिम दिशा की ओर जाने में खासी दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं।
रेलवे प्रशासन का ध्यान इस ओर आकर्षित करने के लिए महाविकास आघाड़ी की ओर से एक अनोखा और प्रतीकात्मक आंदोलन किया गया। आंदोलन के तहत बंद पड़ी स्वचालित सीढ़ी को फूलों की माला पहनाकर “भावपूर्ण श्रद्धांजलि” दी गई। इस दौरान रेलवे प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए सीढ़ी को जल्द से जल्द शुरू करने की मांग की गई।
आंदोलन में महाविकास आघाड़ी के तीनों घटक दलों — राष्ट्रवादी कांग्रेस (शरदचंद्र पवार गट), शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) और कांग्रेस के पदाधिकारी और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। इस दौरान राष्ट्रवादी शरद पवार पक्ष के प्रदेश महासचिव अविनाश देशमुख, शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) पार्टी के शहर प्रमुख किशोर पाटील, प्रशांत पालांडे, स्वप्नील राजे शिर्के, दक्षता तांबे, कांग्रेस के युवा नेता अभिजीत जाधव, शकुंतला राजगुरु, सुरेंद्र भालेराव, आरपीआई (आर.के.) शहराध्यक्ष अशोक गजरमल, तथा राष्ट्रवादी शरद पवार पक्ष के प्रीतम वानखेडे और माणिक कारंडे सहित कई कार्यकर्ता उपस्थित थे।
नेताओं ने स्टेशन प्रबंधक को एक ज्ञापन भी सौंपा, जिसमें यात्रियों की विभिन्न समस्याओं का उल्लेख किया गया। उन्होंने मांग की कि स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 1 और 2 के बीच लगाई गई जाली को तुरंत हटाया जाए, क्योंकि इससे यात्रियों की आवाजाही में बाधा उत्पन्न हो रही है।
साथ ही, बढ़ती यात्री संख्या को देखते हुए बदलापूर से चलने वाली ट्रेनों की संख्या बढ़ाने और समय पर परिचालन सुनिश्चित करने की भी मांग की गई। अविनाश देशमुख ने बताया कि अगर रेलवे प्रशासन ने जल्द कार्रवाई नहीं की, तो आंदोलन को और व्यापक स्तर पर चलाया जाएगा।
इस अनोखे आंदोलन ने रेलवे प्रशासन का ध्यान तो जरूर आकर्षित किया है, लेकिन अब देखना यह होगा कि यात्रियों की परेशानियों को दूर करने के लिए ठोस कदम कब उठाए जाते हैं।
