समाजसेवा के माध्यम से डॉ. अनिल कुमार गायकवाड़ ने दिया मानवीयता का संदेश
मुंबई। समाज के सबसे निचले तबके तक सहायता पहुंचाने के उद्देश्य से कार्यरत संस्था सेवाकुंड ट्रस्ट आज बाढ़ पीड़ितों और जरूरतमंदों के लिए संबल बन गई है। डॉ. अनिल कुमार गायकवाड़ की प्रेरणा से संचालित इस संस्था ने जनसेवा को जीवन का ध्येय बना लिया है। समाज के प्रति अपनी ज़िम्मेदारी निभाने की इस अनूठी पहल ने एक बार फिर यह साबित किया है कि संवेदनशील नेतृत्व समाज में बदलाव की मजबूत नींव रख सकता है।
डॉ. अनिल कुमार गायकवाड़ के जन्मदिन को इस वर्ष “जनसेवा सप्ताह” के रूप में मनाया गया। इस अवसर पर महाराष्ट्र के सोलापुर, लातूर, धाराशिव और नांदेड़ जिलों के बाढ़ प्रभावित इलाकों में जरूरतमंद परिवारों को अनाज, कपड़े और आवश्यक वस्तुएं वितरित की गईं। सेवाकुंड ट्रस्ट की इस पहल से हजारों लोगों को सीधी राहत मिली।
लातूर जिले में ट्रस्ट की ओर से नि:शुल्क मोतियाबिंद शल्य चिकित्सा शिविर आयोजित किया गया। इस शिविर में 780 लोगों की आंखों की जांच, 290 लोगों को नि:शुल्क चश्मे और 100 से अधिक मरीजों की मोतियाबिंद सर्जरी की गई। स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में सेवाकुंड का यह अभियान गांव-गांव तक पहुंचा, जहां लोगों की जांच और दवाइयां नि:शुल्क दी गईं।
इसी के साथ संस्था ने रक्तदान को भी मानवता की सेवा का अहम अंग बनाया। सेवाकुंड ट्रस्ट ने इस वर्ष 62,000 यूनिट रक्त एकत्र करने का संकल्प लिया और यह रक्त संभाजीनगर, पुणे, सोलापुर, जालना और लातूर जिलों में आयोजित रक्तदान शिविरों के माध्यम से एकत्र कर अस्पतालों को दान किया गया।
डॉ. गायकवाड़ के जन्मदिन पर सेवाकुंड ने समाजसेवा के क्षेत्र में एक और अनुकरणीय कदम बढ़ाया। लातूर जिले में अनाथालय और वृद्धाश्रम चलाने वाले पाँच संस्थाओं के संचालकों को सम्मानित किया गया। साथ ही दिवाली के अवसर पर अनाथ बच्चों और वृद्धों को नाश्ता एवं मिठाई वितरित कर उनके चेहरों पर मुस्कान लाई गई।
सेवाकुंड ट्रस्ट के अध्यक्ष अश्वजीत गायकवाड़ ने कहा कि यह कार्य केवल उत्सव नहीं बल्कि समाज के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का माध्यम है। उन्होंने आश्वासन दिया कि आने वाले समय में भी संस्था गरीबों, जरूरतमंदों और उपेक्षित वर्गों की मदद के लिए निरंतर कार्य करती रहेगी।
