सामना संवाददाता / मुंबई
मतदाता सूचियों में गड़बड़ियों के खिलाफ महाविकास आघाड़ी और मनसे ने कल मुंबई में जोरदार मोर्चा निकाला। इस मोर्चे में राकांपा सुप्रीमो शरद पवार, शिवसेना पक्षप्रमुख उद्धव ठाकरे, मनसे अध्यक्ष राज ठाकरे व कांग्रेस नेता बालासाहेब थोरात आदि ने जमकर हमला बोला। अपने भाषण में शरद पवार ने संयुक्त महाराष्ट्र आंदोलन की यादें ताजा कीं और मतदाता सूची में धांधली को लेकर सबूतों के साथ सरकार पर तीखा हमला बोला।
शरद पवार ने कहा कि यह मोर्चा देखकर मुझे पुरानी बातें याद आ गईं। उस दौर में संयुक्त महाराष्ट्र के लिए ऐसे ही मोर्चे निकला करते थे। सीएसएमटी से काला घोड़ा इलाका उस समय इतिहास रचनेवाला केंद्र था। आज आप सबने जिस तरह की एकजुटता दिखाई है, उससे मुझे वही आंदोलन याद आ गया। हमें एकजुट होना होगा, तब जाकर मतदाता का अधिकार यहां सुरक्षित रहेगा। अन्यथा वोट चोरी के माध्यम से मतदाता का आधार छीन लिया जाता रहेगा।
उन्होंने कहा कि हम अपने लिए कुछ नहीं मांग रहे हैं। हम बस इतना कह रहे हैं कि लोकशाही में संविधान ने जो अधिकार हमें दिया है, उसकी रक्षा करने का समय आ गया है। हाल ही में हुए विधानसभा चुनावों में जो कुछ हुआ, उससे आम आदमी का संसदीय लोकतंत्र पर जो भरोसा था, वह डगमगा गया है। आज लोग असंतुष्ट और अस्वस्थ महसूस कर रहे हैं।
शरद पवार ने कहा कि सत्ता का दुरुपयोग लगातार हो रहा है और अब हमें इसका सामना करना होग। राजनीतिक मतभेद हो सकते हैं, चुनावों में संघर्ष भी होंगे, लेकिन इन सब बातों को भूलकर अब हमें एकजुट होना पड़ेगा। लोकतंत्र का जो अधिकार है, उसे हमें मिलकर बचाना होगा। यही दृष्टिकोण लेकर हमें आगे बढ़ना है।
