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बुजुर्गों सावधान! … साइबर अपराधियों के निशाने पर सीनियर सिटीजन! … १० माह में डिजिटल अरेस्ट कर उड़ाए १ अरब

फिरोज खान / मुंबई

मुंबई में डिजिटल अरेस्ट के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। साइबर क्रिमिनल खासकर बुजुर्गों को टारगेट कर उनकी जिंदगीभर की कमाई लूट ले रहे हैं। ऐसे में डिजिटल अरेस्ट के चौंका देनेवाले आंकड़े सामने आए हैं। जनवरी २०२५ से अक्टूबर २०२५ तक १२८ डिजिटल अरेस्ट केस दर्ज हुए, जिसमें करीब १०० करोड़ का प्रâॉड हुआ है। साइबर अपराधियों ने ज्यादातर बुजुर्गों को निशाना बनाया। ऐसे बुजुर्ग जो घरों में अकेले रहते हैं उन्हीं को खासकर टारगेट किया जा रहा है।
दिनों-दिन बढ़ रही डिजिटल अरेस्ट की घटनाओं के बाद आखिरकार मुंबई पुलिस की लंबे समय के बाद नींद खुल गई है। ‘दोपहर का सामना’ ने कई बार बुजुर्गों को साइबर क्राइम और डिजिटल अरेस्ट के बारे में जागरुकता पैâलाने की जरूरत को लेकर प्रमुखता से खबरें प्रकाशित कीं।

शातिर साइबर गैंग के जाल में फंसे
उन्होंने कई फार्मा कंपनियां शुरू की थीं और कई में ऊंचे पदों पर काम भी किया था। उनकी पत्नी भी काफी पढ़ी-लिखी हैं। दोनों बेहद समझदार और अनुभवी लोग हैं, लेकिन साइबर गैंग ने इतनी चालाकी से जाल बिछाया कि वो फंस गए।
४० दिनों तक मानसिक रूप से बनाया बंधक
अक्टूबर महीने में मुंबई में ७२ साल के एक बिजनेसमैन और उनकी पत्नी के साथ अब तक का सबसे बड़ा डिजिटल अरेस्ट स्वैâम सामने आया है। ठगों ने खुद को ईडी और सीबीआई अफसर बताकर इस कपल को ४० दिनों तक मानसिक रूप से बंधक बना लिया था और ५८ करोड़ रुपए से ज्यादा हड़प लिए। पीड़ित शख्स एक नामी इन्वेस्टर हैं।

साइबर क्राइम पुलिस ने
शुरू किया अवेरनेस प्रोग्राम
घर-घर जाकर दी जा रही अलर्ट रहने की सीख

अब जाकर पुलिस ने सीनियर सिटीजन में साइबर क्राइम को लेकर अवेरनेस प्रोग्राम शुरू कर दिया है। डीसीपी जोन ९ के अंतर्गत २९ पुलिस अफसरों की टीम बनाई गई। इस टीम ने अब तक ८४७ बुजुर्गों के घर जाकर उन्हें साइबर क्राइम और डिजिटल अरेस्ट से कैसे अलर्ट रहना है, इस संदर्भ में जानकारी दी।
रिसीव न करें वीडियो काल
पुलिस टीम ने बुजुर्गों को बताया कि सीबीआई, ईडी और क्राइम ब्रांच कभी भी किसी को डिजिटल अरेस्ट नहीं करती है और न ही ऐसा कोई कानून है। टीम ने यह भी बताया कि किसी भी अंजान नंबर से वीडियो काल आने पर रिसीव न करें। मुंबई में बड़े डिजिटल केस की बात करें तो मार्च २०२५ में ८६ साल की बुजुर्ग महिला को डिजिटल अरेस्ट कर २० करोड़ रुपए का प्रâाड किया गया।
इनवेस्टमेंट के नाम पर भी धोखाधड़ी
 ऐसा नहीं है कि साइबर अपराधी बुजुर्गों को सिर्फ डिजिटल अरेस्ट कर के ही ठगते हैं। कुछ लोगों को ज्यादा मुनाफा का लालच देकर इनवेस्टमेंट करवाया जाता है फिर धोखाधड़ी की जाती है।
 अगस्त महीने में ८१ साल की महिला को इनवेस्टमेंट में ज्यादा मुनाफा देने का झांसा दिया गया और ७.८ करोड की ठगी की गई।
 साइबर पुलिस का कहना है कि साइबर अपराधियों द्वारा ज्यादातर ऐसे बुजुर्गों को टारगेट किया जाता है जो रिटायर्ड हो चुके हैं और सर्विस फंड पा चुके हैं।
 इसके अलावा ऐसे सीनियर सिटीजन जिनके बच्चे विदशों में कमा रहे हैं और वे घर में अकेले रहते हैं और तन्हाई में जिंदगी बसर कर रहे हैं।
 इस तरह के बुजुर्गों के खाते में करोड़ों रुपए होते हैं। ऐसे लोगों को भी टारगेट किया जाता है।

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