मुख्यपृष्ठनए समाचारमनपा चुनाव से पहले ‘ठेका घोटाला’ की तैयारी... ठेकेदारों के लिए नियम...

मनपा चुनाव से पहले ‘ठेका घोटाला’ की तैयारी… ठेकेदारों के लिए नियम बदल रहे हैं सत्ताधारी!

-‘सत्ता में आए तो भ्रष्ट निविदाओं को करेंगे रद्द, करवाएंगे जांच’-कांग्रेस का हमला

सामना संवाददाता / मुंबई

मनपा की टेंडर प्रक्रिया पूरी तरह अपारदर्शी और भ्रष्टाचार से ग्रस्त है। भाजपा सरकार पहले से तय कर लेती है कि किसे ठेका देना है और फिर उसी ठेकेदार के हित में शर्तें तय की जाती हैं या अंतिम क्षणों में बदली जाती हैं, ताकि कोई अन्य ठेकेदार पात्र न हो सके। मुंबई कांग्रेस ने चुनाव से पहले मनपा में जारी निविदा प्रक्रियाओं को लेकर ऐसा गंभीर आरोप लगाया है।
कांग्रेस का कहना है कि मनपा में चल रहा यह ठेका खेल लोकशाही के खिलाफ है। विकास का पैâसला जनता से चुने गए प्रतिनिधियों को करने दिया जाए। कांग्रेस नेता सचिन सावंत ने आरोप लगाया कि नगरसेवक न होने का फायदा उठाकर सत्ता पक्ष ने प्रशासक के माध्यम से मुंबईकरों के हजारों करोड़ रुपए लूटे हैं। अब जब चुनाव की घोषणा कभी भी हो सकती है, तब अचानक करोड़ों रुपए की सैकड़ों निविदाएं निकाली जा रही हैं, जिसका उद्देश्य केवल चुनाव से पहले भ्रष्टाचार करना है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि तीन साल बाद जब जनता अपने प्रतिनिधि का चुनाव करने वाली है तो यह जल्दबाजी क्यों? क्या यह आखिरी हाथ साफ करने की तैयारी है? ऐसा सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि हमारी मांग है कि पिछले दो महीनों में निकाली गई सभी निविदाओं पर तत्काल रोक लगाई जाए। मुंबई कांग्रेस ने चेतावनी दी कि हम सत्ता में आए तो इन सभी निविदाओं को रद्द करेंगे और उनकी विस्तृत जांच करवाएंगे।
बता दें कि महायुति सरकार के कार्यकाल में मुंबई मनपा भ्रष्टाचार का गढ़ बन गई है और मनपा अधिकारियों पर सरकार का दबाव है।
दलालों का खुला आवागमन
मंत्रालय में दलालों का खुला आवागमन है और कामों का बंटवारा व निर्णय उनकी मर्जी से होता है। अधिकारियों की मिलीभगत से निविदाओं में छेड़छाड़ कर नियम तोड़े जाते हैं। केंद्रीय सतर्कता आयोग और प्रतियोगिता आयोग के दिशानिर्देशों का खुलेआम उल्लंघन किया जा रहा है।

अन्य समाचार