– भाई-बहन का इलाज कराने के लिये शासन ने बरती नरमी
विक्रम सिंह / सुल्तानपुर
किशोरी से सामूहिक दुष्कर्म के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे पूर्ववर्ती अखिलेश सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे गायत्री प्रसाद प्रजापति को माह भर की परोल मिल गई है। उन्हें ये राहत अपने बीमार भाई-बहन का इलाज कराने के वास्ते दी गई है। समयावधि बीत जाने पर उन्हें पुनः कारावास में उपस्थित होना होगा।
मूलतः अमेठी के परसावां गांव निवासी गायत्री ने अपने बड़े भाई छेदीराम और छोटी बहन धनपती का उपचार कराने के लिए शासन के समक्ष गुहार लगाई थी। जिसपर उन्हें यह परोल दी गई है। बता दें कि लखनऊ जेल में सजा काट रहे पूर्व मंत्री गायत्री पर बीते दिनों एक कैदी ने मामूली विवाद में रॉड से हमला कर दिया था। जिससे उनके सिर पर काफी चोट आई थी। वे गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उन्हें जेल के अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद केजीएमयू लखनऊ ले जाया गया था। बाद में बलरापुर सिविल अस्पताल रेफर कर दिया गया था। पूर्व खनन मंत्री को लेकर आदेश में स्पष्ट किया गया है कि पैरोल अवधि समाप्त होने पर प्रजापति को नियत तिथि पर जेल में हाजिर होना होगा, अन्यथा उनके विरुद्ध तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
जिला कारागार में हुए हमले में घायल होने और बीमारी के चलते गायत्री इस वक़्त गायत्री बलरामपुर अस्पताल में हैं। शासनादेश में यह भी कहा गया है कि परोल के दौरान बंदी को शांति बनाए रखनी होगी, अच्छे चाल-चलन का पालन करना होगा और अपने निवास स्थान के थाने में उपस्थिति की सूचना देनी होगी। परोल अवधि को सजा में नहीं जोड़ा जाएगा। आदेश छह महीने तक मान्य रहेगा और बंदी को दो जमानतों सहित निजी मुचलका दाखिल करना होगा।
