– बिहार की जनता की गाढ़ी कमाई अडानी पर लुटा दी
-मोदी के पूर्व मंत्री ने खोली करोड़ों के घोटाले की पोल
सामना संवाददाता / नई दिल्ली
भाजपा नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के साथ-साथ तमाम राज्यों की भाजपा सरकारों के शासन में भ्रष्टाचार चरम पर पहुंच चुका है। बिहार में तो बिजली विभाग का महाघोटाला सामने आया है। चुनाव से पहले राज्य की भाजपा सरकार का बड़ा बिजली घोटाला जनता के घर बिजली गुल और मीटर चालू जैसी कहानी बयान कर रहा है। यह घोटाला ६२,००० करोड़ रुपए का बताया जा रहा है। इस मामले की सीबीआई जांच की मांग की गई है। पूर्व केंद्रीय ऊर्जा मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता आर.के. सिंह ने नीतीश कुमार की अगुवाई वाली बिहार सरकार पर ६२,००० करोड़ रुपए के बिजली घोटाले का गंभीर आरोप लगाया है। सिंह का दावा है कि सरकार ने अडानी समूह के साथ ऐसा करार किया है, जिससे बिहार की जनता पर अगले २५ साल तक आर्थिक बोझ बढ़ेगा। ऐसे में यह कहना गलत नहीं होगा कि पीएम मोदी और सीएम नीतीश कुमार ने बिहार की जनता की जेब में डाका डाला है।
आर.के. सिंह ने कहा कि बिहार की सरकार ने अडानी के साथ २५ साल का जो एग्रीमेंट किया गया है। उसमें ६.०७५ रुपए प्रति यूनिट के हिसाब से बिजली खरीदी जाएगी। यह दर बाजार मूल्य से कहीं अधिक है, जिससे जनता पर प्रति यूनिट १.४१ रुपए ज्यादा का भार पड़ेगा। उन्होंने बताया कि यह करार राज्य सरकार और कुछ अधिकारियों की मिलीभगत से किया गया है, जिससे बिहार को हर साल लगभग ढाई हजार करोड़ रुपए का नुकसान होगा। २५ वर्षों में यह नुकसान बढ़कर ६२ हजार करोड़ रुपए तक पहुंच जाएगा।
आर.के सिंह ने की सीबीआई जांच की मांग
आर.के. सिंह ने इस मामले की सीबीआई जांच की मांग करते हुए कहा कि यह सिर्फ भ्रष्टाचार नहीं, बल्कि जनता की जेब पर डाका है। जिन लोगों ने यह सौदा कराया, उन पर आपराधिक मामला दर्ज होना चाहिए।
