मुख्यपृष्ठनए समाचारशौचालय के पते पर फर्जी मतदाता... राज्य चुनाव आयोग ने झाड़ा पल्ला!

शौचालय के पते पर फर्जी मतदाता… राज्य चुनाव आयोग ने झाड़ा पल्ला!

-कहा, ‘यह मामला केंद्रीय चुनाव आयोग का’

सामना संवाददाता / मुंबई

नई मुंबई पालिका आयुक्त के बंगले के पते पर ५५० मतदाता दर्ज हैं, जबकि कुछ मतदाताओं के नाम के आगे सुलभ शौचालय का पता लिखा गया है। विपक्ष ने यह मामला उठाया है। अब राज्य के चुनाव आयोग ने इससे पल्ला झाड़ते हुए कहा कि मतदाता सूची तैयार करने की जिम्मेदारी एक अलग तंत्र की होती है और हर प्राधिकरण की जिम्मेदारी तय है। इस बाबत राज्य चुनाव आयोग के अध्यक्ष दिनेश वाघमारे ने अपना पल्ला झाड़ लिया और यह मामला के केंद्रीय चुनाव आयोग पर धकेल दिया।
बता दें कि राज्य में कई जगहों पर डुप्लीकेट मतदाता हैं। कई नामों के आगे पते ही दर्ज नहीं हैं। यह बात विपक्ष ने आयोग के समक्ष रखी। सुलभ शौचालय या आयुक्त के बंगले के पते पर सैकड़ों मतदाताओं के नाम दर्ज किए गए हैं। इसके लिए कौन जिम्मेदार है? इस सवाल पर दिनेश वाघमारे ने कहा कि मतदाता सूची तैयार करने की प्रक्रिया अलग होती है। हम सिर्फ वही सूची इस्तेमाल करते हैं, जो हमें मिलती है। हम एक तारीख तय करते हैं और उसी दिन की सूची मतदान के लिए मान्य होती है। उसकी जांच हम करते हैं। अगर डुप्लीकेट मतदाता हैं या गलत वार्ड में नाम दर्ज हुआ है तो हम उसे जांचते हैं। जिनके नाम पिछली विधानसभा चुनावों में थे, लेकिन नई सूची में नहीं हैं, उनके नाम हम शामिल करते हैं। अगर छोटे-मोटे दोष हैं तो हम उन्हें सुधारते हैं।
हम सिर्फ वही सूची इस्तेमाल करते हैं, जो हमें मिलती है। हम एक तारीख तय करते हैं और उसी दिन की सूची मतदान के लिए मान्य होती है। उसकी जांच हम करते हैं।
हर प्राधिकरण की जिम्मेदारी तय
वाघमारे से जब यह पूछा गया कि जहां न तो घर हैं और न ही पता मौजूद है, वहां मतदाताओं के नाम वैâसे दर्ज हो गए तो उन्होंने कहा कि हर प्राधिकरण की जिम्मेदारी तय की गई है। राज्य चुनाव आयोग अपनी जिम्मेदारी निभाता है, जबकि केंद्रीय चुनाव आयोग अपनी भूमिका निभाता है।

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