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देव दीपावली पर 25 लाख दीपों की रोशनी में स्वर्ग सरीखा दिखी काशी

उमेश गुप्ता / वाराणसी

काशी में देव दीपावली धूमधाम के साथ मनाया गया। देव दीपावली का भव्य शुभारंभ सीएम योगी ने नमो घाट पर पहला दीप जला कर किया।उसके बाद काशी के 25 लाख दीयों से सभी गंगा घाट,कुंड तालाब व देवालय जगमगा उठे। जगमगाती दीपों की रोशनी से ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो स्वर्ग के सौंदर्य काशी के गंगा घाटों पर उतर आया।
देवदीपावली का शुभारंभ करने के बाद सीएम योगी विशिष्ट अतिथियों के साथ क्रूज़ पर सवार होकर मां गंगा की आरती के साथ घाटों पर सजी देव दीपावली के अद्भुत नज़ारे का अवलोकन किया। सीएम योगी को अपने बीच देखकर जनता ने हर हर महादेव का जयघोष भी किया। मुख्यमंत्री ने हाथ हिलाकर काशी की जनता और पर्यटकों का अभिवादन किया।
देव दीपावली पर काशी पूरे घाट क्षेत्र में धार्मिक अनुष्ठान, सांस्कृतिक कार्यक्रम और आतिशबाज़ी ने माहौल को आलोकित कर दिया।
गंगा तट पर जगमगाते दी की मनमोहक छटा देखने हजारों श्रद्धालु और पर्यटक जुटे। गंगा तट पर सजी लाखों दीयों की रोशनी ने पूरे वातावरण को दिव्यता से भर दिया।
देव दीपावली के अवसर पर अस्सी घाट से राजघाट तक के 84 घाटों को लाखों दीयों से सजाया गया। इस दौरान सजी दीपों की लड़कियां एक अलग ही अनुभूति का एहसास कर रही थी। कई प्रमुख गंगा आरती, सांस्कृतिक कार्यक्रम, शास्त्रीय संगीत और आतिशबाज़ी ने पूरे वातावरण को भक्ति और उल्लास से भर दिया। घाटों पर देश-विदेश से आए श्रद्धालुओं और पर्यटकों की भारी भीड़ उमड़ी।
परंपरा के साथ आधुनिकता का संगम चेत सिंह घाट पर दिखा, जहां 25 मिनट का थ्रीडी प्रोजेक्शन मैपिंग शो ‘काशी-कथा’ प्रस्तुत किया गया। इसमें भगवान शिव-पार्वती विवाह, भगवान विष्णु की चक्र पुष्करिणी, भगवान बुद्ध के उपदेश, कबीर-दास और तुलसीदास की भक्ति परंपरा तथा महामना मदन मोहन मालवीय द्वारा स्थापित काशी हिंदू विश्वविद्यालय तक की यात्रा का दृश्य जीवंत किया गया।
गंगा पार की रेत पर ‘कोरियोग्राफ और सिंक्रोनाइज ग्रीन क्रैकर्स शो’ ने पर्यटकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। आसमान में गूंजती संगीतबद्ध आतिशबाज़ी और गंगा की लहरों पर प्रतिबिंबित रंगों ने दृश्य को और भी दिव्य बना दिया।
दशाश्वमेध घाट की महाआरती में 21 अर्चक और 42 देव कन्याओं ने रिद्धि-सिद्धि के रूप में आरती की। 21 कुंटल फूलों और 51 हजार दीपों से सजे घाट पर जब शंखनाद और घंटा-घड़ियालों की ध्वनि गूंजी, तो वातावरण में अद्भुत ऊर्जा का संचार हो गया।
देव दीपावली महोत्सव मे होने वाली महा आरती में 21 कुंटल फूल-मालाओं व 51 हजार दीपों से दशाश्वमेध घाट एवं आप-पास के घाटो को रौशन किया गया एवं 20 फीट ऊँची भव्य अमर जवान ज्योति की अनुकृति श्रद्धालुओ के लिए देश भक्ती कि प्रेरणा दे रही थी
काशी विश्वनाथ धाम में भी विशेष सजावट और आरती
देव दीपावली पर श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना हुई। बाबा के दरबार को फूलों और रोशनी से भव्य रूप में सजाया गया। धाम का पूरा परिसर दीपों की उजाले से जगमगा उठा, जहाँ श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ा रहा।
श्रद्धालुओं की भीड़ और वीवीआईपी उपस्थिति को देखते हुए वाराणसी को नो-फ्लाई जोन घोषित किया गया। बिना अनुमति ड्रोन उड़ाने पर प्रतिबंध रहा। घाटों पर एनडीआरएफ और जल पुलिस की टीमें बोट्स, आधुनिक उपकरणों और वाटर एम्बुलेंस के साथ तैनात रहीं। नदी मार्ग पर नावों के लिए लेन निर्धारण किया गया। नाविकों को निर्धारित दिशा और सुरक्षा नियमों के पालन के निर्देश दिए गए। सड़कों पर यातायात, पार्किंग और प्रवेश-निकास की व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रित रही। महिलाओं की सुरक्षा के लिए सादी वर्दी में महिला पुलिसकर्मियों, एंटी रोमियो स्क्वॉड और क्यूआरटी टीमों को तैनात किया गया।
नगर निगम और स्वच्छता कर्मियों ने भी घाटों की सफाई और सजावट में अपना विशेष योगदान दिया।

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मन पाखी