एक और ‘दृश्यम’
खुशबू सिंह
बॉलीवुड की सुपरहिट क्राइम थ्रिलर फिल्म दृश्यम ने लाखों दर्शकों को रोमांचित किया, लेकिन पुणे के एक व्यक्ति ने इसे सचमुच जीवन में उतार लिया और अपनी ही पत्नी की बेरहमी से हत्या कर डाली। पुणे जिले के सिवाने इलाके में रहने वाला ऑटोमोबाइल मैकेनिक समीर जाधव (उम्र लगभग ३५ वर्ष) ने अपनी ३२ वर्षीय प्राइवेट स्कूल टीचर पत्नी अंजलि जाधव की हत्या करने के बाद शव को पूरी तरह जला दिया और राख तक नदी में बहा दी ताकि कोई सबूत न बचे। वो खुद को बेकसूर साबित करने की हर कोशिश करता रहा, मगर उसकी एक छोटी सी चूक ने सारी साजिश बेनकाब कर दी और पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
आरोपी का क्या इरादा था?
पुलिस जांच से पता चला कि समीर जाधव ने अजय देवगन स्टारर फिल्म दृश्यम पिछले कुछ दिनों में चार बार देखी और उसी से प्रेरणा लेकर ये खौफनाक अपराध रचा। उसका इरादा साफ था कि हत्या के बाद कोई निशान और सबूत न रहे और पत्नी के गायब होने की कहानी किसी दूसरे पुरुष के साथ भाग जाने की बना दी जाए।
कैसे दिया साजिश को अंजाम?
दिवाली की छुट्टियों में दोनों बच्चे, जो तीसरी और पांचवीं कक्षा में पढ़ते हैं, ननिहाल गए हुए थे। इसी मौके का फायदा उठाते हुए २६ अक्टूबर २०२५ को समीर ने अंजलि को बहला-फुसलाकर सिवाने क्षेत्र में किराए के एक गोदाम में ले गया। उसने बहाना बनाया कि कारोबार विस्तार के लिए नया गोदाम लिया है। वहां पहले से लोहे की बड़ी भट्ठी तैयार रखी थी। मौका पाते ही उसने पत्नी का गला घोंटकर हत्या कर दी और फिर कई घंटों तक शव को भट्ठी में जलाता रहा। अंत में बची हुई राख को पास की नदी में बहा दिया।
कौन सी गलती पड़ी भारी?
शक से बचने के लिए उसने कई चालें चलीं। पत्नी के मोबाइल से उसके एक पुरुष मित्र को आई लव यू मैसेज भेजा और खुद ही जवाब देकर बातचीत का ढोंग रचा। आसपास के लोगों को यही बताया कि पत्नी किसी और मर्द के साथ भाग गई है। हर दूसरे-तीसरे दिन पुलिस स्टेशन पहुंचकर गुमशुदगी की शिकायत करता और रोने-धोने का नाटक करता रहा। लेकिन यही जरूरत से ज्यादा बेचैनी उसे ले डूबी। पुलिस को उसका बार-बार आना और अति उत्साह संदिग्ध लगा।
क्यों की हत्या?
पुणे ग्रामीण पुलिस के डिप्टी कमिश्नर संभाजी कदम की टीम ने मोबाइल लोकेशन, सीसीटीवी फुटेज, गोदाम के आसपास के गव् ााहों के बयान और तकनीकी सबूत जुटाए। अंजलि के फोन से भेजे गए संदिग्ध मैसेज की गहन जांच की गई। कड़ी पूछताछ में समीर टूट गया और उसने अपना गुनाह कबूल कर लिया।
पहले पुलिस को लगा था कि पति को पत्नी के चरित्र पर शक था, लेकिन सच कुछ और था।
दरअसल समीर का खुद किसी दूसरी महिला से अवैध संबंध था और वो पत्नी को रास्ते से हटाना चाहता था।
ये दिल दहला देने वाला मामला एक बार फिर साबित करता है कि अपराधी कितना भी शातिर हो, कानून के लंबी हाथों से बच नहीं सकता। दृश्यम जैसी फिल्में सिर्फ मनोरंजन के लिए होती हैं, उन्हें हकीकत में उतारना भयावह परिणाम लेकर आता है।
