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भाजपा नेताओं में सत्ता का अहंकार…राज ठाकरे ने सीएम देवेंद्र फडणवीस को सुनाया

सामना संवाददाता / मुंबई

मुंबई में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण कई दर्दनाक हादसे सामने आए हैं। चेंबूर में पेड़ गिरने से एक स्कूली छात्र की मौत हो गई, जबकि साकीनाका में खुले मैनहोल में गिरने से एक व्यक्ति की जान चली गई। इन घटनाओं से मुंबईवासियों में भारी नाराजगी है। इसी बीच विधानसभा परिसर में भाजपा मुंबई अध्यक्ष और विधायक अमित साटम इन घटनाओं का जिक्र होने के दौरान हंसते हुए दिखाई दिए। इस पर महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर तीखा निशाना साधा।
राज ठाकरे ने मुख्यमंत्री फडणवीस को संबोधित करते हुए कहा कि देशभर में लोग खुलेआम कह रहे हैं कि भारतीय जनता पार्टी के नेताओं में सत्ता का अहंकार आ गया है। पूर्व, पश्चिम, उत्तर और दक्षिण, देश के हर हिस्से में लोगों के मन में भाजपा नेताओं के व्यवहार को लेकर नाराजगी है। उन्होंने सवाल किया कि क्या अब यही मानसिकता महाराष्ट्र तक भी पहुंच गई है और क्या इसे बढ़ावा दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि भाजपा का एक विधायक और पदाधिकारी लोगों की मौत जैसे संवेदनशील मुद्दे पर ठहाके लगाता है, लेकिन उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होती। उन्होंने प्रसिद्ध उक्ति का उल्लेख करते हुए कहा, ‘झ्दैी ूाह्े ूद म्दrrल्ज्ू, aह् aेंदत्ल्ूा ज्दैी म्दrrल्ज्ूे aेंदत्ल्ूात्ब्.’ यदि भविष्य में इस कहावत का अर्थ समझाने की नौबत आए, तो भाजपा के आपके मौजूदा सहयोगी उसका सबसे बड़ा उदाहरण होंगे। राज ठाकरे ने कहा कि महाराष्ट्र के लोगों को हमेशा लगता रहा है कि देवेंद्र फडणवीस एक संस्कारी और संवेदनशील मुख्यमंत्री हैं। उन्हें भी ऐसा ही लगता था। लेकिन जब इस तरह की घटनाएं होती हैं और आपकी ओर से न तो कोई संवेदना व्यक्त की जाती है और न ही कोई कार्रवाई होती है, तब आपकी संवेदनशीलता पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
किसी ने गलत करने वालों को नहीं बचाया
उन्होंने कहा कि वह पिछले ३७ वर्षों से सक्रिय राजनीति में हैं। इस दौरान महाराष्ट्र में यदि किसी नेता से गलती हुई, तो उसे बचाने की कोशिश नहीं की गई। चाहे बालासाहेब ठाकरे हों, शरद पवार हों, प्रमोद महाजन हों या कोई अन्य नेता सभी ने गलतियों पर कार्रवाई की परंपरा निभाई। यही वजह थी कि महाराष्ट्र की राजनीति की देशभर में अलग पहचान और प्रतिष्ठा रही है।
बेलगाम नेताओं से इस्तीफा लीजिए
राज ठाकरे ने कहा, ‘आज आपकी सोच यह हो गई है कि ‘वह अपना आदमी है, इसलिए उसने कुछ भी किया हो, उसका बचाव करो।’ आपके मंत्री आए दिन गैर-जिम्मेदाराना बयान दे रहे हैं। आपकी पार्टी के अन्य नेता खुलेआम असंवेदनशीलता का प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन आप उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करते।’उन्होंने आगे कहा, ‘वास्तव में ऐसे बेलगाम और गैर-जिम्मेदार नेताओं से आपको इस्तीफा लेना चाहिए।
गलतियों पर पर्दा डालने वाले ‘बड़े भाई’
राज ठाकरे ने कहा कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री से पूरे राज्य को स्पष्ट संदेश और नैतिक नेतृत्व की अपेक्षा रहती है, चाहे वे किसी भी राजनीतिक दल से हों। उन्होंने कहा, ‘कृपया जनता की इस अपेक्षा को टूटने मत दीजिए। अन्यथा आपकी छवि ऐसे नेता की बनकर रह जाएगी, जो अपने लोगों की गलतियों पर पर्दा डालने वाले ‘बड़े भाई’ हैं।’

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