राजस्थान के कोटा शहर में पिछले कुछ दिनों से चर्चा का विषय बनी मां-बेटी की बेरहमी से हुई हत्या की गुत्थी पुलिस ने आखिरकार सुलझा ली। दरअसल आरके पुरम थाना क्षेत्र में १५ नवंबर को हुई इस दिल दहला देने वाली वारदात में मां ज्योति और उनकी १३ साल की बेटी पलक की निर्मम हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने मुख्य आरोपी प्रदीप और उसके साथी भरत को मुकुंदरा के घने जंगलों से दबोच लिया है, जबकि तीसरा आरोपी राजू उर्फ मामू अभी फरार है। हैरानी की बात ये है कि दोनों की जान सिर्फ ६० हजार रुपए की उधारी के कारण ले ली गई।
क्यों की हत्या?
कोटा शहर की पुलिस अधीक्षक तेजस्विनी गौतम ने प्रेस कॉन्प्रâेंस में पूरे मामले का खुलासा किया। उनके मुताबिक, मुख्य आरोपी प्रदीप झालावाड़ जिले के खानपुर क्षेत्र के सोजपुर गांव का रहनेवाला है और मृतका ज्योति का दूर का रिश्तेदार भी था। उसने ज्योति को करीब ६० हजार रुपए उधार दिए थे, जिनकी वापसी बार-बार मांगने पर भी नहीं हो रही थी। इसी बात से खून खौल उठा और प्रदीप ने अपने दोस्तों भरत और राजू के साथ मिलकर हत्या की भयानक साजिश रची।
कैसे दिया वारदात को अंजाम?
पुलिस के अनुसार, १४ नवंबर को आरोपी पहली बार ज्योति के घर पहुंचे और झगड़ा करने की कोशिश की, लेकिन मोहल्ले वालों के इकट्ठा हो जाने से प्लान नाकाम हो गया। अगले दिन १५ नवंबर को तीनों दोबारा घर आए। इस बार चाय-नाश्ते का बहाना बनाकर आराम से घर के अंदर घुस गए। ज्योति ने जैसे ही चाय दी, हमलावरों ने उस पर धारदार हथियारों से ताबड़तोड़ वार कर उसकी हत्या कर दी। ठीक उसी वक्त पलक स्कूल से घर लौटी। मासूम को देखते ही आरोपियों ने उसका मुंह दबाया और गला घोंटकर मार डाला। इसके बाद आराम से घर से निकलकर फरार हो गए।
कैसे गिरफ्तार हुआ आरोपी?
मामले की गंभीरता को देखते हुए कोटा पुलिस ने तुरंत स्पेशल टीम गठित की। सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन और मुखबिरों की सूचना के आधार पर पुलिस ने मुकुंदरा के जंगलों में दबिश देकर प्रदीप और भरत को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में दोनों ने अपना गुनाह कबूल कर लिया। गिरफ्तारी के बाद मीडिया के सामने प्रदीप ने रोते हुए कहा, ‘मुझसे बहुत बड़ा गुनाह हो गया, मैं पछता रहा हूं।’
इस जघन्य हत्याकांड से पूरे कोटा में दहशत का माहौल है। कांग्रेस के पूर्व मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने भी सरकार से कड़ी कार्रवाई की मांग की है। पुलिस अब ये भी जांच कर रही है कि क्या सिर्फ पैसे की रंजिश थी या इसके पीछे कोई और वजह भी थी।
छोटी-सी रकम के लिए दो मासूम जिंदगियां छीन लेने की ये वारदात एक बार फिर समाज को झकझोर कर रख गई है।
