सामना संवाददाता / मुंबई
राज्य की महायुति सरकार ‘लाडली बहनों’ से डर गई है। दरअसल, लाडली बहनों को सरकार अलग-अलग प्रकार से तकलीफ दे रही है, लेकिन केवाईसी को लेकर उन्हें कुछ ज्यादा ही तकलीफ हो रही है। इस प्रक्रिया में कई लाडली बहनों के केवाईसी नहीं हो पाए हैं, जिसे लेकर लाडली बहनों ने विरोध किया था। इसके बाद अब सरकार ने डरकर इसके सत्यापन की अवधि बढ़ा दी है।
बता दें कि लाडली बहन योजना के लाभार्थियों के ई-केवाईसी की अंतिम तिथि को महाराष्ट्र सरकार ने ३१ दिसंबर २०२५ तक बढ़ा दिया है। पहले ही स्पष्ट संकेत मिल चुके थे कि लाखों महिलाओं का ई-केवाईसी समय पर पूरा न हो पाने की संभावना थी। अब १८ नवंबर को समाप्त होने वाली अवधि को बढ़ाने का निर्णय लिया गया। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, राज्य की २.५४ करोड़ लाभार्थी महिलाओं में से केवल १.५ करोड़ महिलाओं का ही ई-केवाईसी पूरा हुआ है। इस कारण १ करोड़ से अधिक महिलाओं का ई-केवाईसी अभी भी लंबित है। विधानसभा चुनावों से ठीक पहले घोषित की गई लाडली बहन योजना के तहत पात्र महिलाओं के खातों में हर महीने १,५०० रुपए जमा किए जाते हैं, लेकिन यह बात सामने आई कि इस योजना का लाभ कुछ सरकारी कर्मचारी महिलाओं तथा २.५ लाख रुपए से अधिक वार्षिक पारिवारिक आय वाली महिलाओं द्वारा भी लिया जा रहा है।
