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रॉयल अस्पताल बना बाल तस्करी का अड्डा! …कुंवारी मां ने नवजात को रु. ५ लाख में बेचा

-डॉक्टर-नर्स सहित ५ लोगों पर पुलिस की गाज
जेदवी / मुंबई
गोवंडी के रॉयल अस्पताल से एक दिल दहला देनेवाला मामला सामने आया है। अस्पताल में नवजात शिशु की तस्करी की कोशिश का खुलासा हुआ है। इस मामले में पुलिस ने डॉक्टर, नर्स और बिचौलियों समेत पांच लोगों पर मामला दर्ज कर गहन जांच शुरू कर दी है। अदालत ने आरोपी को २१ नवंबर तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है। नवजात शिशु सुरक्षित है और उसे बाल कल्याण समिति के सुपुर्द कर दिया गया है। शिशु की २१ वर्षीय अविवाहित मां फिलहाल अस्पताल में भर्ती है और उसका इलाज जारी है। पुलिस मां से पूछताछ कर रही है कि उसने यह सौदा किस मजबूरी या दबाव में आकर किया।
बता दें कि इस मामले में मुंबई पुलिस ने रॉयल अस्पताल के डॉक्टर कमयुद्दीन खान और स्टाफ नर्स अनीता सावंत को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि इन दोनों ने मिलकर एक नवजात बच्चे को ५ लाख रुपए में बेचने का सौदा तय किया था। जांच में यह भी सामने आया कि सौदेबाजी अस्पताल परिसर में ही होती थी और इसमें बाहरी बिचौलियों की भी भूमिका थी। पुलिस का मानना है कि मां की सामाजिक और आर्थिक मजबूरी का फायदा उठाकर यह गिरोह सक्रिय है।
जांच में संदिग्ध मिले कई रिपोर्ट
जांच में अस्पताल के कई रिकॉर्ड अधूरे और संदिग्ध पाए गए। यह भी आशंका है कि अस्पताल पहले भी ऐसे ‘अवैध सौदों’ में लिप्त रहा हो। पुलिस अब अस्पताल का लाइसेंस, पंजीकरण और रोजमर्रा की गतिविधियों की जांच कर रही है। पुलिस अधिकारियों को शक है कि यह घटना अकेली नहीं है। नवजातों को बेहद संगठित नेटवर्क के जरिए बेचा जाता रहा होगा। पुलिस अब तक के डिजिटल रिकॉर्ड, कॉल डिटेल और बैंक लेनदेन की जांच में जुटी है। यह मामला एक बार फिर साबित करता है कि मुंबई के कई गैर-मान्यता प्राप्त अस्पताल गरीबी, मजबूरी और अव्यवस्था का फायदा उठाकर काले कारनामों में सक्रिय हैं। रॉयल अस्पताल का खुलासा कोई पहला मामला नहीं, लेकिन इस तरह के मामलों से डॉक्टर और अस्पताल की विश्वासनीयता पर गहरा आघात पहुंचता है।

झोलाछाप निकला डॉ. कमयुद्दीन
पुलिस जांच में रॉयल अस्पताल की जो तस्वीर सामने आई है, वह चौंकाने वाली है। प्रसव के लिए कोई उचित दस्तावेजीकरण नहीं रखा जाता है। डॉक्टर कमयुद्दीन, जो सिर्फ बीयूएमएस चिकित्सक है, वह ऑपरेशन व प्रसूति प्रक्रिया करने के लिए अधिकृत नहीं है। महिला को गुपचुप भर्ती किया गया था। डॉक्टर कमयुद्दीन ने बताया कि अनीता सावंत की मदद से शमा उर्फ शफाक उर्फ ‘टॉम बॉय’ नामक दलाल के जरिए नवजात शिशु को पांच लाख रुपए में दर्शन नामक महिला को बेचने की तैयारी चल रही थी।

 

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