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गृह मंत्री जी, देखिए आपकी पुलिस क्या कर रही है! … अटल सेतु पर ‘मिड नाइट ड्रामा’… रु. २ लाख दो वर्ना ड्रग्स केस में डाल देंगे!

– तीन छात्रों ने ‘रेडिट’ पर बयां की अपनी व्यथा
– लोगों ने दी ‘एसीबी’ में शिकायत करने की सलाह

सामना संवाददाता / मुंबई
मुंबई पुलिस किसी न किसी बात को लेकर हमेशा विवादों में रहती है। कभी करप्शन तो कभी रिश्वतखोरी के आरोप लगते रहते हैं। पिछले हफ्ते ओशिवरा पुलिस स्टेशन के दो पुलिस अधिकारियों को इसलिए सस्पेंड किया गया कि वे रिश्वत लेकर आरोपी को बचाने की कोशिश कर रहे थे। अब एक और मामला सामने आया है, जिससे हंगामा मच गया है। गृह मंत्री देवेंद्र फडणवीस की पुलिस पर आरोप लगा है कि पैसे ऐंठने के लिए तीन छात्रों को ड्रग्स केस में फंसाने की धमकी दीr। ऐसे में तमाम यूजर्स ने उन्हें एसीबी में मामला दर्ज करने की सलाह दी।
मिली जानकारी के मुताबिक, मुंबई के अटल सेतु पर यह ‘मिड नाइट ड्रामा’ हुआ। छात्रों ने अपनी यह आपबीती लोकप्रिय वेबसाइट ‘रेडिट’ पर ‘ट्रैप्ड बाई मुंबई पुलिस’ शीर्षक से साझा किया है। ‘रेडिट’ पोस्ट के अनुसार, छात्र सुबह लगभग ३ बजे मुंबई हवाई अड्डे पर उतरे और पनवेल जा रहे थे। अटल सेतु के पास पहुंचते ही उनकी कार को दो महिला और एक पुरुष पुलिस अधिकारियों ने ‘रैंडम चेकिंग’ के लिए रोक लिया। जब ड्राइवर के आरसी बुक और आधार कार्ड में कुछ नहीं मिला तो पुलिस अधिकारियों ने गाड़ी की गहन तलाशी शुरू कर दी। कुछ देर बाद एक महिला पुलिस अधिकारी ने कथित तौर पर कार के अंदर गांजे का एक छोटा पैकेट मिलने का दावा किया, जिसका छात्रों ने पुरजोर खंडन किया।

एटीएम से पैसे निकालकर
तीन छात्रों ने दी रिश्वत!

३ छात्रों का बुरा अनुभव इस वक्त ‘रेडिट’ पर चर्चा का विषय बना हुआ है। आधी रात के वक्त अटल सेतु पर कार में जा रहे तीन छात्रों को रोककर पुलिस ने उन्हें ड्रग्स केस में फंसाने की धमकी देकर पैसे मांगे। भयभीत और भ्रमित छात्रों ने आखिरकार पास के एक एटीएम से पैसे निकालकर ७७,००० रुपए पुलिस को दिए।
पोस्ट में इस घटना के मनोवैज्ञानिक प्रभाव को दर्शाया गया है। छात्र ने लिखा, ‘हम अभी भी सदमे में हैं। हम धूम्रपान नहीं करते, पार्टी नहीं करते, हम तो हवाई अड्डे से आ रहे थे। अगर आधी रात को मासूम लोगों के साथ ऐसा कुछ हो सकता है, तो हम वैâसे सुरक्षित महसूस कर सकते हैं?’ भावनात्मक पीड़ा के साथ-साथ, उन्होंने आगे के कदमों को लेकर भी असमंजस व्यक्त किया कि शिकायत दर्ज करें, डर के मारे चुप रहें या कानूनी सुरक्षा लें। कथित तौर पर छात्रों के पास कई सबूत हैं, मसलन पुलिस वाहन का नंबर, एक अधिकारी का आंशिक वीडियो फुटेज, एटीएम से पैसे निकालने का रिकॉर्ड और तीनों पीड़ितों द्वारा घटना के बारे में एक जैसे लिखित विवरण।
गिरफ्तारी का डर
पोस्ट के मुताबिक, अपनी बेगुनाही पर जोर देने के बावजूद, छात्रों का कहना है कि उन्हें ड्रग्स रखने के आरोप में फंसाने की धमकी दी गई। साथ ही उन्हें गिरफ्तारी और भारी जुर्माने का डर दिखाया गया। पुलिस वालों ने मामला दर्ज नहीं करने के एवज में एहसान जताते हुए उनसे २ लाख रुपए की मांग की।

 

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