सामना संवाददाता / मुंबई
महायुति सरकार में उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे अब पूरी तरह अकेले पड़ गए हैं। इसके साथ ही शिंदे गुट के टूटने का खतरा भी बढ़ गया है। असल में एकनाथ शिंदे के करीबी और गुट में नंबर दो के नेता माने जानेवाले महायुति सरकार के मंत्री उदय सामंत मजबूती से उभरते जा रहे हैं और राज्य में राजनीतिक मौजूदा हालात को देखते हुए गुट के अंदर अपनी दावेदारी मजबूत करने में लगे हैं। सीएम फडणवीस से उनकी बढ़ती नजदीकियां और भाजपा के प्रति उनके सॉफ्ट कॉर्नर रवैये ने शिंदे की नींद हराम कर दी है। ऐसे में एकनाथ शिंदे चाहकर भी सावंत का कुछ नहीं बिगाड़ पा रहे हैं। कांग्रेस इसे उनकी लाचारी बता रही है।
शिंदे की नाराजगी है नाटक!
डिप्टी सीएम पर कांग्रेस का हमला
अब तो यह जगजाहिर हो चुका है कि एकनाथ शिंदे भाजपा से नाराज चल रहे हैं। हालांकि, कांगे्रस ने उनकी नाराजगी को नाटक बताते हुए कहा है कि यह महायुति विचार, विकास या विश्वास के लिए नहीं, बल्कि केवल सत्ता के लिए बनी है। लेकिन सत्ता बचाने के लिए लाचारी दिखाने से बेहतर है कि एकनाथ शिंदे सत्ता छोड़ दें। इस तरह का जोरदार हमला महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने किया।
कांग्रेस ने मनपा चुनाव के प्रचार की शुरुआत कर दी है। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि सत्ता के लालच और मजबूरियों के कारण यह तीन दल एक साथ आए हैं। यह गैंग्स ऑफ ट्रिपल इंजन सरकार है और इनमें आपसी संघर्ष, दुश्मनी और टोली युद्ध साफ दिख रहा है। उन्होंने कहा कि कभी उप मुख्यमंत्री शिंदे नाराज होकर सातारा जिले के दरे गांव में खेत में बैठ जाते हैं तो कभी दूसरा उप मुख्यमंत्री गायब हो जाता है। अगर शिंदे वाकई नाराज हैं और कुछ भी ठोस नहीं हो रहा तो उन्हें सत्ता से बाहर आ जाना चाहिए। लेकिन वे सत्ता के बिना रह नहीं सकते, इसलिए देवेंद्र फडणवीस कितनी भी तकलीफ दें, उन्हें चुपचाप सहना पड़ता है।
दादा की ‘सफल सेटिंग’
पुणे जमीन घोटाले पर बोलते हुए सपकाल ने कहा कि यह साफ दिखाई देता है कि अजीत पवार दिल्ली जाकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुझे बचाएं का आग्रह कर आए। वहीं उनकी सेटिंग हो गई और पार्थ पवार को क्लीन चिट मिल गई। यह भी लग रहा है कि देवेंद्र फडणवीस और अजीत पवार के बीच भी कोई समझौता हुआ है। अगर ऐसा न होता तो ९९ फीसदी हिस्सेदारी वाले पार्थ पवार को छोड़कर केवल एक फीसदी साझेदारी वाले और कुछ अधिकारियों पर ही कार्रवाई नहीं होती। ७०,००० करोड़ रुपए के सिंचाई घोटाले का आरोप लगाकर भी भाजपा ने अजीत पवार को सत्ता में शामिल कर लिया।
माफिया और गुंडों को भाजपा की टिकटें
सपकाल ने आरोप लगाया कि भाजपा ने नगरपालिका चुनाव में ड्रग्स माफिया, गुंडों, भ्रष्टाचारियों और गंभीर अपराध करने वालों को टिकट दिया है। गंभीर मामलों में लिप्त लोगों को पार्टी में प्रवेश देकर वॉशिंग मशीन से साफ किया जा रहा है, लेकिन जनता को भाजपा की इस विकृत और आपराधिक राजनीति को सख्ती से नकारना चाहिए।
