जौनपुर से एक बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया। यहां एक कलियुगी पिता ने बेटे की चाहत में डेढ़ साल की अपनी तीसरी बेटी को नदी में फेंक दिया। सूचना मिलने पर पुलिस स्थानीय गोताखोरों की मदद से बेटी की तलाश जारी है। वहीं, बेटी की मां की शिकायत पर आरोपी पिता को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।
जौनपुर के खरगसेनपुर के रहने वाले अशोक विश्वकर्मा की शादी करीब बीस साल पहले संजू विश्वकर्मा के साथ हुई थी। शादी के बाद दोनों से आकांक्षा (१८ वर्ष), सृष्टि (१३ वर्ष) और रुतबी (१८ माह) की तीन बेटियां हुईं। दो बेटियों के बाद बेटे की जगह फिर से तीसरी बेटी के पैदा होने पर अशोक नाखुश रहने लगा। बुधवार यानी १९ नवंबर की सुबह उसने अपनी डेढ़ वर्षीय जिंदा बेटी रुतबी को नदी में फेंक दिया। सूचना मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। स्थानीय पुलिस की तरफ से गोताखोरों की मदद से नदी में फेंकी गई बेटी की तलाश कराई जा रही है। पति ने तीसरी बेटी को नदी में फेंकने की जानकारी मिलते ही मां बिलखने लगी।
पहले भी मारने की कर चुका था कोशिश
बड़ी बेटी आकांक्षा ने बताया कि उनके पिता उसकी छोटी बहन रुतबी को नदी में ले जाकर फेंक दिए। एक साल पहले भी ऊपर रजाई डालकर उसके सीने पर पैर रखकर मारना चाहते थे। लेकिन उनकी मां ने देख लिया था। इसके चलते अपने मंसूबे में सफल नहीं हो पाए।
