मुख्यपृष्ठखेल‘पापा के सामने रोता था’

‘पापा के सामने रोता था’

भारतीय क्रिकेट के उभरते सितारे हर्षित राणा की सफलता के पीछे संघर्ष और पिता के अटूट भरोसे की गहरी कहानी छिपी है। हाल ही में एक इंटरव्यू में हर्षित ने बताया, ‘मैं ट्रायल्स में जाता था, नाम नहीं आता था। वापस आकर हर दिन अपने पापा के सामने रोता था। लगभग दस साल ऐसे ही बीत गए, जब कुछ भी नहीं हो रहा था। कई बार लगा कि अब सब छोड़ दूं, लेकिन पापा ने कभी हार मानने नहीं दी।’ आज वही संघर्ष उन्हें मानसिक रूप से मजबूत बना चुका है। हर्षित अब आलोचना या नाकामी से नहीं डरते। न्यूजीलैंड के खिलाफ इंदौर वनडे में तीन विकेट लेकर उन्होंने बड़ी उपलब्धि हासिल की और १४ वनडे पारियों में २६ विकेट लेकर वह भारत के लिए तीसरे सबसे सफल गेंदबाज बन गए। हर्षित ने विराट कोहली और रोहित शर्मा से मिले अनुभव को भी अहम बताया। आज उनकी कामयाबी के पीछे पिता का वही सपना और विश्वास खड़ा है, जिसने उन्हें कभी टूटने नहीं दिया।

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