सामना संवाददाता / मुंबई
मनपा चुनाव के नतीजों के बाद महायुति के भीतर ही घमासान शुरू हो गया है। शिंदे गुट के पराजित कई उम्मीदवारों ने अपनी हार के लिए सीधे तौर पर भाजपा के कुछ नेताओं और पदाधिकारियों को जिम्मेदार ठहराते हुए सनसनीखेज आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि सुनियोजित साजिश के तहत भाजपा के एक गुट ने गद्दारी करते हुए उनके खिलाफ काम किया, जिसके कारण उन्हें और उनके परिवार के अन्य उम्मीदवारों को हार का सामना करना पड़ा।
मीडिया के सामने प्रभाग क्रमांक १९४ से चुनाव लड़ने वाले समाधान सरवणकर ने खुलकर हारे हुए प्रत्याशियों के दुख पर बात की। उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ चार–पांच विधायक और दो प्रमुख राजनीतिक दलों के नेता खुलकर प्रचार कर रहे थे। उन्हें भाजपा की ओर से अपेक्षित सहयोग नहीं मिलने के कारण पराजय झेलनी पड़ी। उन्होंने यह भी कहा कि यही ‘भाजपाई टोली’ लोकसभा और विधानसभा चुनावों में भी महायुति के उम्मीदवारों को हराने के लिए सक्रिय रही थी। इस बार महानगरपालिका चुनाव में भी इसी गुट ने शिंदे गुट की एक उम्मीदवार की हार सुनिश्चित करने का प्रयास किया। शिंदे गुट के एक अन्य नेता ने नाराजगी जताते हुए कहा कि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि भाजपा इस तरह ‘गद्दारी’ करेगी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा के भीतर एक व्यक्ति ने वरिष्ठ नेता आशिष शेलार के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया और पार्टी के आधिकारिक निर्देशों की अनदेखी करते हुए काम किया। इस पूरे मामले को लेकर वे जल्द ही मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात कर शिकायत दर्ज कराने वाले हैं।
‘इनका काम नहीं करना है’
माहिम विधानसभा क्षेत्र में भाजपा के एक विशिष्ट पदाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए थे कि उन्हें किसी भी तरह की मदद न दी जाए। उनके मुताबिक, व्हॉट्सऐप संदेशों के जरिए यह कहा गया, ‘इनका काम नहीं करना है, बल्कि इन्हें हराना है।’ उन्होंने दावा किया कि ऐसे संदेशों के स्क्रीनशॉट भी मौजूद हैं, जिनमें उनके खिलाफ खुले तौर पर रणनीति बनाने की बात कही गई है।
