सामना संवाददाता / सुल्तानपुर
एक जमाने में अवध के सुल्तानपुर जिले की राजनीति के धुरंधर रहे इसौली के पूर्व विधायक स्व.इंद्रभद्र सिंह २७वीं पुण्यतिथि पर शिद्दत से याद किये गए। पैतृक गांव मायंग के पुश्तैनी आवास पर प्रतिवर्ष की भांति छह दिवसीय अथर्ववेद ब्रह्मपारायण महायज्ञ व श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। जिसमें क्षेत्रवासियों के अलावा बड़ी संख्या में विभिन्न क्षेत्रों के मानिंद लोगों ने सहभाग किया।
सुल्तानपुर की राजनीति के अपने जमाने के धुरंधर इसौली विधानसभा से दो बार विधायक रहे स्व. सिंह की २१ जनवरी १९९९में जिलामुख्यालय के दीवानी चौराहे पर बम विस्फोट करके नृशंस हत्या कर दी गई थी। वे जनप्रिय नेता थे। वालीबाल के राष्ट्रीय खिलाड़ी व कोच भी थे। युवाओं में काफी लोकप्रिय थे। उनके बाद उनके दोनों पुत्रों चंद्रभद्र सिंह सोनू व यशभद्र सिंह मोनू ने उनकी राजनीतिक व सामाजिक विरासत संभाली। चंद्रभद्र सिंह इसौली से विधायक व यशभद्र सिंह धनपतगंज के ब्लाक प्रमुख रहे। पुत्री अर्चना सिंह फिलवक्त जिलापंचायत सदस्य हैं। लोकसभा चुनाव में मेनका गांधी से महज सोलह हजार मतों से शिकस्त खाने वाले सोनू सिंह और उनके भाई मोनू इस वक़्त सपा की राजनीति में सक्रिय हैं लेकिन सभी दलों में गहराई तक संबंध होने के कारण श्रद्धांजलि सभा में पूर्वांचल के प्रभावशाली नेताओं का तांता लगा रहा। स्थानीय लोगों के साथ अमेठी राजा पूर्व केंद्रीय मंत्री संजय सिंह, सपा की राष्ट्रीय नेता जूही सिंह, गोंडा के दिग्गज पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह के पुत्र प्रतीक भूषण, भदोही के एमएलसी विनीत सिंह, गोरखपुर के एमएलसी देवेंद्र प्रताप सिंह समेत वाराणसी, जौनपुर, अयोध्या, अमेठी , प्रतापगढ़ आदि जिलों से भी श्रद्धांजलि के लिये दिग्गज नेताओं के आने का क्रम लगा रहा। सभी ने स्व.सिंह के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें याद किया। नगर के दीवानी चौराहे पर स्थित उनकी प्रतिमा पर भी पुष्पांजलि अर्पित की गई।
