-जिले की पूरी कार्यकारिणी की बर्खास्त
सामना संवाददाता / मुंबई
महाराष्ट्र की राजनीति में उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की साख धीरे-धीरे कम हो रही है। उनके भ्रष्टाचार के मामले उजागर होने के साथ ही भाजपा ने शिंदे को दबाने की राजनीति तेज कर दी है। यहां तक कि उनकी पार्टी के कई नेता भाजपा के प्रभाव में काम कर रहे हैं। नतीजतन शिंदे गुट में भारी नाराजगी है। पार्टी के कई विधायक अब खुलकर आक्रामक मूड में हैं, जिसके चलते एकनाथ शिंदे बुरी तरह से परेशान हैं।
इसका ताजा उदाहरण सोलापुर, धाराशिव में देखने को मिला। इतना ही नहीं, कई ठिकानों पर वरिष्ठ नेताओं पर स्थानीय कार्यकर्ताओं ने जानलेवा हमला किया। इन सभी कारणों से शिंदे की समस्या बढ़ती जा रही है। वे कई बार अपने गांव भी चले जाते हैं। शिंदे की समस्या देखते हुए उनके बेटे श्रीकांत एक्शन मोड में आ गए हैं। पार्टी के भीतर चल रहे आंतरिक घमासान को देखते हुए दो जिले सोलापुर और माढा की पूरी कार्यकारिणी को ही बर्खास्त कर दिया।
दरअसल, यहां इन जिलों में बैठक के दौरान स्थिति इतनी बिगड़ गई कि पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के सामने ही क्षेत्रीय नेताओं के बीच तीखी नोक-झोंक हो गई। इस घटनाक्रम ने पार्टी की अंदरूनी कलह को सार्वजनिक कर दिया, जिसके बाद पार्टी ने उन जिलों के कार्यकारिणी को ही बर्खास्त करते हुए साफ किया है कि अब नए पदाधिकारियों की नियुक्ति केंद्रीय स्तर से की जाएगी।
इसके लिए इंटरव्यू प्रक्रिया अपनाई जाएगी और रिपोर्ट के आधार पर नियुक्तियां होंगी। तब तक सभी कार्यकर्ताओं को आंतरिक विवाद भुलाकर संगठनात्मक अभियानों में जुटने के निर्देश दिए गए हैं। सूत्रों के मुताबिक, शिंदे गुट की इस अंदरूनी कलह पर सहयोगी दल भी नजर बनाए हुए हैं और नाराज पदाधिकारियों को अपने पक्ष में करने की कोशिशें तेज हो गई हैं।
