सामना संवाददाता / मुंबई
नासिक के तथाकथित ढोंगी बाबा अशोक खरात से मुलाकात को लेकर राज्य के जलसंपदा मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटील ने महत्वपूर्ण सफाई दी। उन्होंने कहा कि यह पूरा मामला अज्ञानता में और दीपक केसरकर के आग्रह पर हुआ था। उन्होंने बताया कि जब उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे शिर्डी आए थे, तब उन्हें अशोक खरात की पृष्ठभूमि के बारे में कोई जानकारी नहीं थी। विखे पाटील ने कहा कि एकनाथ शिंदे एक दिन आए और बोले कि एक जगह जाना है। अगर उन्हें अशोक खरात के बारे में जानकारी होती तो क्या वे वहां जाते?
राधाकृष्ण विखे पाटील ने कहा कि इस मामले में पहला केस दर्ज करने का काम उनकी तरफ से हुआ, जिसके बाद पूरा मामला सामने आया। उन्होंने बताया कि कई महिलाएं अशोक खरात के प्रभाव में आकर ठगी का शिकार हुर्इं। सामाजिक कार्यकर्ता अंजलि दमानिया द्वारा लगाए गए आरोपों पर उन्होंने कहा कि सच्चाई जांच में सामने आएगी। कई लोगों के पैर धोने के फोटो और भाषणों में नाम सामने आए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ लोगों ने अपने क्षेत्र के व्यक्ति को भगवान का अवतार मान लिया था, जिससे वे उसके जाल में फंस गए।
दोषियों पर हो सख्त कार्रवाई
विखे पाटील ने आगे कहा कि समता पतसंस्था मामले में बयान दर्ज किए जा चुके हैं। अशोक खरात खुद खाते खोलता और संचालित करता था। कई महिलाओं को धोखा दिया गया। उन्होंने कहा कि अज्ञान में हुई गलती और जानकारी होते हुए किए गए काम में फर्क होता है। आगे से अगर कोई भविष्य बताने आए तो पहले उसका ही भविष्य देखना पड़ेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि जो भी दोषी होगा, चाहे वह कितना भी बड़े पद पर क्यों न हो, उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज
इस बीच अंजलि दमानिया ने प्रेस कॉन्प्रâेंस कर अशोक खरात मामले में कई राजनीतिक नेताओं के नाम सार्वजनिक किए, जिनमें राधाकृष्ण विखे पाटील का नाम भी शामिल था। साथ ही उन्होंने रूपाली चाकणकर पर भी जोरदार निशाना साधा। इस पूरे मामले ने अब राजनीतिक रंग ले लिया है और आने वाले दिनों में जांच और आरोप-प्रत्यारोप के और तेज होने की संभावना है।
