-कार्रवाई के बाद फिर शुरू हो जाता है खेल, सिस्टम पर उठ रहे सवाल
राजेश सरकार / प्रयागराज
यमुनानगर जोन के घूरपुर, अरैल और लालापुर इलाके में अवैध बालू खनन का धंधा बेखौफ जारी है। प्रशासनिक कार्रवाई के बावजूद खनन माफियाओं के हौसले इतने बुलंद हैं कि कुछ दिन की सख्ती के बाद फिर वही हालात लौट आते हैं। बुधवार बीतीरात लालापुर क्षेत्र में की गई बड़ी कार्रवाई ने एक बार फिर इस पूरे खेल को उजागर कर दिया। खनन विभाग की टीम ने छापेमारी के दौरान गंभीर अनियमितताएं पकड़ते हुए एक फर्म पर 25 लाख रुपये का जुर्माना ठोका, दूसरी फर्म का पट्टा निरस्त कर दिया और 4 एफआईआर दर्ज कराईं। इतना ही नहीं, नदी किनारे डंप लाखों घनमीटर बालू को दोबारा यमुना में फेंकवाया गया।
शिकायतों के बाद हरकत में आया प्रशासन
लालापुर और आसपास के क्षेत्रों में लंबे समय से अवैध खनन और पट्टाधारकों द्वारा नियमों की अनदेखी की शिकायतें मिल रही थीं। इसी के आधार पर खनन निरीक्षक वैभव सोनी के नेतृत्व में टीम ने बुधवार रात में छापा मारा। कार्रवाई के दौरान एसडीएम बारा, सीओ बारा और स्थानीय पुलिस भी मौजूद रही।
पट्टा क्षेत्र से बाहर और धारा के भीतर तक खनन
जांच में पट्टा खंड संख्या-6 (तारा एंटरप्राइजेज) में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी सामने आई। यहां पट्टा सीमा से बाहर और यमुना की जलधारा के भीतर तक खनन के प्रमाण मिले। इस पर 25 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया। वहीं पट्टा खंड संख्या-4 (सहारा एग्री) में भी अवैध खनन उजागर हुआ। किश्त जमा नहीं करने और नियम उल्लंघन के चलते पट्टा निरस्त करने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
जेसीबी चलाकर बंद कराए गए खनन मार्ग
प्रशासन ने अवैध खनन के लिए बनाए गए रास्तों पर भी चोट की। पंडुआ, प्रतापपुर, भिलौरे, नौढ़िया तरहार, मझियारी और मानपुर गांवों में यमुना तक जाने वाले रास्तों को जेसीबी से खोदवाकर बंद कराया गया। साथ ही अवैध रूप से जमा बालू को नदी में वापस डलवाया गया।
4 एफआईआर, लेकिन असर कितने दिन?
कार्रवाई के दौरान कई नामजद और अज्ञात लोगों के खिलाफ थाना लालापुर में 4 मुकदमे दर्ज किए गए। हालांकि स्थानीय स्तर पर यह चर्चा तेज है कि ऐसी कार्यवाही पहले भी होती रही है, लेकिन कुछ दिन बाद खनन फिर शुरू हो जाता है।
बड़ा सवाल : क्यों नहीं टूट रहा माफिया का नेटवर्क?
यमुनापार के घूरपुर, अरैल और लालापुर में अवैध खनन वर्षों से जड़ें जमाए हुए है। बार-बार की कार्यवाही के बावजूद इसका पूरी तरह बंद न होना प्रशासनिक सख्ती पर सवाल खड़े कर रहा है।
अधिकारियों का दावा
खनन निरीक्षक वैभव सोनी का कहना है कि अवैध खनन के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। निगरानी और सख्ती बढ़ाई जा रही है।
हालांकि कार्यवाही कागजों पर सख्त दिखती है, लेकिन जमीन पर असर अस्थायी ही नजर आता है। जब तक माफिया के पूरे नेटवर्क पर निर्णायक प्रहार नहीं होगा, तब तक यमुना किनारे बालू का यह खेल यूं ही चलता रहेगा।
