मुख्यपृष्ठनए समाचारनासिक यौन शोषण और धर्मांतरण के फरार आरोपी का आतंकी कनेक्शन!

नासिक यौन शोषण और धर्मांतरण के फरार आरोपी का आतंकी कनेक्शन!

– दिल्ली ब्लास्ट के आरोपी से जुड़ा लिंक

-नासिक टीसीएस कांड में बड़ा खुलासा

सुनील ओसवाल / नासिक

नासिक यौन शोषण और धर्मांतरण कांड ने अब एक बेहद गंभीर और चौंकाने वाला मोड़ ले लिया है। महिलाओं के यौन शोषण और कथित धर्मांतरण के आरोपों से शुरू हुआ यह मामला अब संभावित आतंकी कनेक्शन तक पहुंच गया है। कंपनी की फरार एचआर मैनेजर निदा खान का नाम दिल्ली ब्लास्ट के एक आरोपी से जुड़ने की आशंका जताई जा रही है, जिससे जांच एजेंसियों की चिंता बढ़ गई है।
सूत्रों के अनुसार, खान के कनेक्शन दिल्ली में हुए एक बड़े विस्फोट मामले के आरोपी डॉ.शहीन से जुड़े होने की बात सामने आई है। हालांकि, इस कनेक्शन की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन एटीएस सूत्रों का कहना है कि एटीएस इस एंगल को गंभीरता से जांच रही है। इस मामले में अब तक ९ एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं और ८ में से ६ आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
नासिक कांड: फरार आरोपी के भिवंडी में छिपे होने का शक!
नासिक धर्मांतरण कांड की मुख्य आरोपी एचआर मैनेजर निदा खान अभी भी फरार है और उसके भिवंडी में छिपे होने की संभावना जताई जा रही है। पुलिस और एटीएस की टीमें लगातार उसकी तलाश में जुटी हैं। नासिक पुलिस की जांच में कंपनी के अंदर चल रहे कथित यौन शोषण, ब्लैकमेलिंग और धर्मांतरण के प्रयासों का खुलासा हुआ था। इसके बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच एटीएस को सौंप दी गई। अब एटीएस खुद आरोपियों से पूछताछ कर रही है और सीडीआर, व्हॉट्सऐप चैट और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की गहराई से जांच की जा रही है। कुछ दिन पहले सामने आए फोटो में कथित तौर पर कर्मचारियों पर धर्म बदलने के लिए दबाव बनाए जाने के संकेत मिले थे। इस खुलासे के बाद मामले ने और तूल पकड़ लिया। इस घटना के बाद नासिक में भारी आक्रोश देखने को मिला। विभिन्न संगठनों ने विरोध प्रदर्शन किया और सख्त कार्रवाई की मांग की। सकल हिंदू समाज ने टीसीएस कंपनी से जिलाधिकारी कार्यालय तक मोर्चा निकालकर अपना विरोध दर्ज कराया।
एटीएस इस बात की जांच कर रही है कि क्या यह पूरा नेटवर्क सिर्फ शोषण और धर्मांतरण तक सीमित है या इसके पीछे कोई बड़ा अंतर्राज्यीय या आतंकी गठजोड़ काम कर रहा है?

आईटी कंपनी की आड़ में अपराध…नासिक धर्मांतरण कांड का ‘इंटरनेशनल लिंक’!

-चार साल से जारी थी संदिग्ध गतिविधियां

-१५० वर्कर्स को वर्क फ्रॉम होम का आदेश

नासिक की मल्टीनेशनल आईटी कंपनी में हुए यौन शोषण और धर्मांतरण कांड ने कॉर्पोरेट दुनिया को हिला कर रख दिया है। शुरुआती जांच में यह मामला किसी बड़े संगठित नेटवर्क से जुड़ा होने का शक गहराता जा रहा है। जांच एजेंसियों को आशंका है कि यह सिर्फ एक कंपनी तक सीमित मामला नहीं, बल्कि इसके लिंक इंटरनेशनल गिरोह से जुड़े हो सकते हैं।
नासिक पुलिस की गुप्त कार्रवाई में इस कथित सेक्स रैकेट और धर्मांतरण के खेल का भंडाफोड़ हुआ। अब तक ८ लोगों को हिरासत में लिया जा चुका है, जिनमें एक महिला भी शामिल है। कंपनी की एचआर हेड निदा खान फरार बताई जा रही है और उसे इस पूरे नेटवर्क की अहम कड़ी माना जा रहा है। इस मामले में अब तक ९ एफआईआर दर्ज की गई हैं। आरोपियों पर शादी का झांसा देकर संबंध बनाना, आपत्तिजनक वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करना और धर्म बदलने के लिए दबाव व लालच देने जैसे गंभीर आरोप लगे हैं। जांच एजेंसियां आरोपियों के सीडीआर, व्हॉट्सऐप चैट और अन्य डिजिटल सबूत खंगाल रही हैं। जानकारी के अनुसार, यह पूरा मामला २०२२ से २०२६ के बीच सक्रिय रहा। शिकायतकर्ताओं में ८ महिलाएं और एक युवक शामिल हैं, जिसमें युवक के धर्मांतरण की कोशिश का मामला सामने आया है। मामले के उजागर होते ही कंपनी में अफरा-तफरी मच गई है। नासिक स्थित ऑफिस को फिलहाल बंद कर दिया गया है और करीब १५० कर्मचारियों को वर्क प्रâॉम होम के निर्देश दिए गए हैं। दिल्ली से आई टीम कंपनी के दस्तावेजों और सिस्टम की जांच कर रही है।
एटीएस के हवाले जांच
महिलाओं के साथ यौन शोषण, मानसिक उत्पीड़न, ब्लैकमेलिंग और जबरन धर्मांतरण की कोशिश जैसे गंभीर आरोपों ने इस पूरे मामले को बेहद संवेदनशील बना दिया है। अब इस केस की जांच एटीएस को सौंप दी गई है। एटीएस की टीम नासिक पहुंचकर जांच में जुट गई है।
धर्मांतरण नहीं, देश के खिलाफ साजिश!..सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर
नासिक धर्मांतरण का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दाखिल कर कहा गया है कि जबरदस्ती या धोखे से धर्म बदलवाना सिर्फ एक धार्मिक मामला नहीं है, बल्कि यह देश की सुरक्षा के लिए खतरा है। सुप्रीम कोर्ट में पहले से धर्म परिवर्तन से जुड़ा एक स्वत: संज्ञान मामला चल रहा है।

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