हिमांशु राज
पत्रलेखा को हालिया सार्वजनिक उपस्थिति के बाद सोशल मीडिया पर बॉडी शेमिंग का सामना करना पड़ा। मां बनने के बाद उनके शरीर में प्राकृतिक बदलाव को लेकर ट्रोलिंग शुरू हो गई। पत्रलेखा ने खुद इसका जवाब देते हुए कहा कि मातृत्व की इस नई यात्रा में शरीर बदलना स्वाभाविक है।
अभिनेत्री नेहा धूपिया ने पत्रलेखा का खुलकर समर्थन किया। उन्होंने पत्रलेखा का पोस्ट रीशेयर करते हुए लिखा, “किसी के शरीर पर टिप्पणी बंद हो जानी चाहिए। खासकर नई मां पर, जिसने नौ माह तक बच्चे को गर्भ में पाला और अब उसे पोषण दे रही है। हमें आंकने से पहले अपनी सोच सुधारो। पत्रा को ढेर सारा प्यार।” नेहा बॉडी पॉजिटिविटी की मजबूत पक्षधर रही हैं। वे पहले भी दीपिका पादुकोण जैसे सितारों के साथ खड़ी हो चुकी हैं। वे उद्योग में संवेदनशील संवादों की वकालत करती रहती हैं। उनका यह बयान फिर से बहस छेड़ गया कि अभिनेत्रियों पर क्यों थोपे जाते हैं अवास्तविक सौंदर्य मानक?
सोशल मीडिया पर बॉडी शेमिंग की यह घटना महिलाओं, विशेषकर नई मांओं के प्रति असंवेदनशीलता उजागर करती है। उद्योग और प्रशंसकों की कई आवाजें उठीं, जो संवेदना की मांग कर रही हैं। नेहा जैसी आवाजें न केवल समस्या बता रही हैं, बल्कि समाज की सोच बदलने का आह्वान भी कर रही हैं। आलोचना के बजाय करुणा का दौर लाना जरूरी है।
