कर्मचारी को एजेंसी ने किया निलंबित
द्रुप्ति झा / मुंबई
अंधेरी-ईस्ट के मरोल में गैस सिलेंडर की चल रहे कालाबाजारी के सच को ‘दोपहर का सामना’ ने उजागर किया। यहां गैस एजेंसी के कुछ कर्मचारी दूसरे के नाम का सिलेंडर पैसे लेकर अनजान व्यक्ति को भी धड़ल्ले से सप्लाई कर रहे थे। ईरान और अमेरिका युद्ध के बीच हुई गैस सिलेंडर की बड़ी किल्लत के बावजूद भारत गैस एप्लीकेशन के डाटा रिकॉर्ड के आधार पर ये लोग महज बुकिंग के बाद तुरंत सिलेंडर सप्लाई कर रहे थे।
‘दोपहर का सामना’ के संवाददाता ने ग्राउंड लेवल पर जाकर सच्चाई का पता लगाया। जिसके बाद अखबार में खबर को प्रकाशित किया। मामले का खुलासा होने के बाद एजेंसी के मालिक ने जांच कर इस मामले में लिप्त उस कर्मचारी को निलंबित कर दिया। बता दें कि यह पूरा मामला अंधेरी-ईस्ट के मरोल में स्थित भारत गैस की एजेंसी अंजली गैस सर्विस की है। एमआईडीसी में रहनेवाले अभिषेक झा का आरोप था कि पिछले कुछ महीनों से किसी कारण से वो गैस सिलेंडर बुक नहीं कर रहे थे, उसके बावजूद उनके नाम का गलत इस्तेमाल कर उनके नाम पर एजेंसी द्वारा गैस सिलेंडर किसी और को सप्लाई किया जा रहा है। जिसका भारत गैस एप्लीकेशन में पूरा डाटा रिकॉर्ड है जिस रिकॉर्ड में हर महीने सिलेंडर सप्लाई किए गए। आश्चर्य की बात तो यह है कि एप्लीकेशन में बुकिंग टाइम और गैस सिलेंडर डिलिवर टाइमिंग के बीच महज एक मिनिट का ही फासला दिखाया जा रहा, यानी जहां पर एक तरफ लोगों को बुकिंग के बाद भी गैस सिलेंडर के लिए १० से २० दिनों का इंतजार करना पड़ रहा है तो दूसरी तरफ एक गैस बुकिंग के बाद एक मिनट में ही गैस सिलेंडर डिलिवर होने की बात से लोग हैरान हैं। एजेंसी ने अपने बाकी कर्मचारियों को भी सावधान किया कि अगर ऐसा कोई और कर रहा है तो उस कर्मचारी को नौकरी से निकाल दिया जाएगा। कहा अब ऐसा नहीं होगा, अगर कोई और भी करने की कोशिश करेगा और उसका हमें पता चल गया तो उस पर ऐसे ही कार्रवाई करेंगे।
