५ को मिलना है टिकट
‘विप’ चुनाव में खींचतान
धीरेंद्र उपाध्याय / मुंबई
विधान परिषद चुनाव से पहले भाजपा के भीतर सियासी हलचल अपने चरम पर पहुंच गई है। ‘दिल्ली दरबार’ के चले डंडे ने पूरे समीकरण ही बदल दिए हैं। टिकट की दौड़ में शामिल नेताओं को उस वक्त बड़ा झटका लगा, जब ३० नामों की लंबी सूची पर चली वैंâची ने आधे से ज्यादा दावेदारों को एक झटके में बाहर का रास्ता दिखा दिया। अब सिर्फ १४ नामों पर सिमटी उम्मीदों के बीच ५ सीटों के लिए जबरदस्त खींचतान जारी है। पार्टी के भीतर बढ़ती बेचैनी और संभावित नाराजगी को साधते हुए अंतिम पैâसले की कमान अब सीधे केंद्रीय नेतृत्व के हाथों में है। इसी कड़ी में रविंद्र चव्हाण दिल्ली में डटे हुए हैं, जहां आखिरी दौर की मंथन बैठकें चल रही हैं। इस पूरी कवायद ने कई दिग्गज नेताओं की दावेदारी पर संकट खड़ा कर दिया है, जिससे सियासी गलियारों में हलचल और तेज हो गई है।
बता दें कि महाराष्ट्र विधान परिषद का १२ मई को चुनाव है। इस चुनाव में कुल ९ सीटों पर मतदान होना है। ऐसे में टिकट के लिए भाजपा के भीतर जबरदस्त प्रतिस्पर्धा देखने को मिल रही है। कई इच्छुक उम्मीदवार अपनी पूरी ताकत झोंक रहे हैं और सभी की नजर पार्टी के अंतिम पैâसले पर टिकी हुई है। बता दें कि कुछ दिन पहले महाराष्ट्र भाजपा की कोर कमेटी ने ३० नामों की सूची तैयार कर उसे दिल्ली स्थित केंद्रीय नेतृत्व को भेजा था, लेकिन इस सूची पर विचार करने के बाद शीर्ष नेतृत्व ने बड़ा पैâसला लेते हुए लगभग आधे नाम हटाने के निर्देश दिए। इसके बाद राज्य नेतृत्व ने पुनर्विचार कर केवल १४ नामों की संशोधित सूची दोबारा दिल्ली भेजी है। इससे मूल सूची से किन-किन नामों की छुट्टी हुई, इसको लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है। इसी बीच टिकट पाने की होड़ भाजपा में और तेज होती दिख रही है। कई दावेदार आखिरी समय तक प्रयास कर रहे हैं और कुछ में नाराजगी भी सामने आने की आशंका जताई जा रही है। ऐसे में किसी को नाराज किए बिना अंतिम सूची घोषित करने के लिए पार्टी खास सतर्कता बरत रही है। इसी को ध्यान में रखते हुए भाजपा ने नामांकन के आखिरी दिन यानी ३० अप्रैल को अंतिम सूची जारी करने का पैâसला किया है। सूत्रों के अनुसार, इस चुनाव में मुंबई को छोड़कर राज्य के पांच अलग-अलग क्षेत्रों से उम्मीदवारों को मौका दिया जाएगा। इस बार पार्टी पुराने और जमीनी स्तर पर काम करने वाले कार्यकर्ताओं को प्राथमिकता दे सकती है। साथ ही जातीय और क्षेत्रीय संतुलन को ध्यान में रखते हुए उम्मीदवारों का चयन किए जाने की भी चर्चा है। ऐसे में कई नए चेहरों को मौका मिलने की संभावना जताई जा रही है।
अंतिम ५ के नाम होंगे तय
इस प्रक्रिया में अहम बात यह है कि प्रदेशाध्यक्ष रविंद्र चव्हाण खुद दिल्ली पहुंच गए हैं। वहां केंद्रीय नेताओं के साथ चर्चा कर अंतिम पांच उम्मीदवारों के नाम तय किए जाएंगे। आने वाले कुछ घंटों या दिनों में इन नामों पर अंतिम मुहर लगने की संभावना है, जिससे सभी की नजर अब इस सूची पर टिकी हुई है।
संभावित उम्मीदवार
संभावित उम्मीदवारों में माधवी नाईक, डॉ. उपेंद्र कोठेकर, मनोज कोटक, केशव उपाध्ये, रवि अनासपुरे, राजेश पांडे, दयाशंकर तिवारी, राम सातपुते, रणजीतसिंह निंबालकर, संजय काका पाटील, विवेक कोल्हे, जगदीश मुलिक, प्रमोद जठार, संजय केणेकर, अर्चना पाटील चाकूरकर, दादाराव केचे और संजय भेंडे के नाम चर्चा में हैं। हालांकि, अंतिम मौका किसे मिलेगा, यह देखना अहम होगा।
