गुस्से में बोले, ‘अजीत दादा को न्याय मिलेगा या नहीं?’
सामना संवाददाता / मुंबई
पूर्व उप मुख्यमंत्री अजीत पवार के विमान हादसे को तीन महीने बीत जाने के बाद भी जांच में कोई ठोस प्रगति नहीं होने का आरोप लगाते हुए विधायक रोहित पवार कल सीआईडी कार्यालय पहुंचे। वहां एक भी जिम्मेदार अधिकारी मौजूद नहीं था, जिससे नाराज होकर उन्होंने खाली कुर्सी को ही ज्ञापन सौंप दिया और अपना गुस्सा जाहिर किया।
अजीत पवार का गत २८ जनवरी को विमान हादसा हुआ था। इस हादसे को आज तीन महीने पूरे हो चुके हैं। यह हादसा था या साजिश, इस पर लगातार सवाल उठ रहे हैं और मामले की जांच सीआईडी कर रही है। रोहित पवार ने सोशल मीडिया पर बताया कि वे इस मामले की जानकारी लेने और अपने पास मौजूद सूचनाएं देने सीआईडी कार्यालय गए थे, लेकिन वहां कोई भी जिम्मेदार अधिकारी मौजूद नहीं मिला। उन्होंने कहा कि अजीत पवार जैसे बड़े नेता के मामले की जांच सीआईडी को सौंपी गई है, लेकिन इसे गंभीरता से नहीं लिया जा रहा। उन्होंने यह भी कहा कि यह उनकी तीसरी यात्रा थी, पहली बार तीन अधिकारी, दूसरी बार एक अधिकारी और तीसरी बार एक भी अधिकारी मौजूद नहीं था। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अगली बार शायद उन्हें गेट पर ही कागज देकर वापस लौटना पड़े।
आपराधिक पहलू की जांच
रोहित पवार ने सवाल उठाया कि क्या सीआईडी इस मामले की निष्पक्ष जांच कर पाएगी और अजीत दादा को न्याय मिल पाएगा? उन्होंने मांग की कि इस हादसे की जांच सिर्फ तकनीकी पहलुओं तक सीमित न रखी जाए, बल्कि आपराधिक पहलुओं की भी तेजी से जांच हो।
