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मीरा रोड में ‘लोन वुल्फ अटैक’! … कलमा नहीं पढ़ा तो वॉचमैन पर जानलेवा हमला कर दिया

– मामले की जांच-पड़ताल में जुटी एटीएस
– ‘आइसिस’ के साहित्य से शहर में सनसनी
सुनील ओसवाल / मुंबई
मुंबई से सटे मीरा रोड में चाकू से दो वॉचमैन पर हुए हमले ने सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ा दी है। इस हमले में जो खतरनाक पैटर्न सामने आया है, उसने जांच को सीधे आतंकवाद के शक की ओर मोड़ दिया है। आरोपी ने पहले नाम और धर्म पूछा, फिर ‘कलमा पढ़ सकते हो? नमाज पढ़ते हो?’ जैसे सवाल दागे और जवाब न मिलने पर चाकू से जानलेवा हमला कर दिए। आरोपी ने यह हमला अकेले ही किया इसी वजह से इसे ‘लोन वुल्फ टेरर अटैक’ के तौर पर देखा जा रहा है। यानी कट्टर विचारधारा से प्रभावित होकर अकेले हमला करने का पैटर्न। अब इस पूरे मामले की जांच एटीएस के हाथ में है।
२७ अप्रैल की तड़के करीब ४ बजे मीरा रोड के नया नगर इलाके में ड्यूटी पर तैनात राजकुमार मिश्रा और सुब्रतो रमेश सेन पर यह हमला हुआ। पुलिस के मुताबिक, आरोपी पहले इलाके में घूमता रहा, मस्जिद का रास्ता पूछा और फिर अचानक हिंसक हो उठा।

चिट्ठी से निकला जिहाद
तलाशी के दौरान आरोपी के पास से एक हस्तलिखित चिट्ठी बरामद हुई है, जिसमें ‘आइसिस’, ‘जिहाद’, ‘गाजा’ और ‘लोन वुल्फ’ जैसे शब्द लिखे पाए गए हैं। साथ ही धमकी भरे संदेश, ‘लोन वुल्फ विल पाउंस ऑन यू’, ‘हिंद में असली जिहाद’, ने जांच एजेंसियों को अलर्ट मोड पर ला दिया है।

डेढ़ घंटे में दबोचा गया
सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस ने जैब जुबेर अंसारी (३१) की पहचान कर उसे महज डेढ़ घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया।

लाइव स्ट्रीम की तैयारी
पूछताछ में पता चला है कि आरोपी अंसारी इस हमले का लाइव स्ट्रीम करने की भी तैयारी में था।

अमेरिका से लौटकर
बन गया कट्टरपंथी!
ऑनलाइन पढ़ाता था केमिस्ट्री

मीरा रोड में ‘लोन वुल्फ अटैक’ करनेवाला जुबेर अंसारी एक शिक्षित इंसान है। वह विज्ञान का स्नातक है और कुछ समय अमेरिका में रह चुका है। अमेरिका से भारत लौटने के बाद वह मीरा रोड में अकेले रह रहा था और ऑनलाइन केमिस्ट्री पढ़ाता था। जांच एजेंसियों को शक है कि इंटरनेट और सोशल मीडिया के जरिए वह कट्टरपंथी कंटेंट के संपर्क में आया और धीरे-धीरे उसका ब्रेनवॉश हुआ।
एटीएस अब आरोपी के मोबाइल डेटा, ब्राउजिंग हिस्ट्री, सोशल मीडिया नेटवर्क और संभावित संपर्कों की गहराई से जांच कर रही है। यह भी खंगाला जा रहा है कि वह पूरी तरह अकेला था या किसी नेटवर्क के इशारे पर काम कर रहा था।
मुंबई के लिए खतरा
मीरा रोड की यह घटना सिर्फ दो लोगों पर हमला नहीं, बल्कि एक ऐसे खतरे की आहट है, जहां कट्टर सोच से प्रभावित एक व्यक्ति भी शहर की शांति को चुनौती दे सकता है। एटीएस और मुंबई पुलिस अब इस केस को संभावित आतंकी साजिश मानकर जांच में जुटी है, ताकि यह साफ हो सके कि यह सिर्फ एक ‘अकेला हमला’ था या किसी बड़े नेटवर्क की शुरुआत।
पैटर्न ने बढ़ाई चिंता
एक गार्ड से धर्म पूछकर हमला किया गया, जबकि दूसरे को केबिन में घुसकर ‘कलमा’ पढ़ने को कहा गया। न पढ़ पाने पर उसे भी बेरहमी से निशाना बनाया गया। दोनों घायलों को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया है और फिलहाल उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। इस हमले का सबसे खतरनाक पहलू है, पहचान के आधार पर टारगेट करना। नाम और धर्म पूछने के बाद हमला करना सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ा अलार्म बन गया है। हालांकि, अधिकारी अभी किसी अंतिम निष्कर्ष पर नहीं पहुंचे हैं, लेकिन हर एंगल से जांच जारी है।

 

 

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