नैनीताल। जिला न्यायालय परिसर में बुधवार को वरिष्ठ अधिवक्ता पूरन सिंह भाकुनी के आकस्मिक निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया गया। उनके सम्मान में आयोजित शोक सभा में अधिवक्ताओं, सामाजिक प्रतिनिधियों और न्यायालय से जुड़े लोगों ने बड़ी संख्या में भाग लेकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
शोक सभा का माहौल बेहद भावुक रहा। उपस्थित अधिवक्ताओं ने भाकुनी के व्यक्तित्व, उनकी सादगी और विधि क्षेत्र में उनके महत्वपूर्ण योगदान को याद किया। वक्ताओं ने कहा कि उनका निधन न केवल नैनीताल बल्कि पूरे विधि जगत के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने अपने लंबे कार्यकाल में न्याय व्यवस्था को मजबूत बनाने में उल्लेखनीय भूमिका निभाई और युवा अधिवक्ताओं के लिए प्रेरणा स्रोत बने रहे। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अरुण सिंह बिष्ट और सचिव संजय सुयाल ने शोक व्यक्त करते हुए कहा कि भाकुनी का जाना न्यायालय परिवार के लिए एक बड़ी क्षति है, जिसकी भरपाई संभव नहीं है। उन्होंने उनके पेशेवर समर्पण और मानवीय मूल्यों को विशेष रूप से याद किया।
इस अवसर पर पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सांसद अजय भट्ट ने भी गहरा दुख व्यक्त किया। अपने शोक संदेश में उन्होंने कहा कि पूरन सिंह भाकुनी का निधन समाज और न्यायिक क्षेत्र के लिए एक बड़ी क्षति है। उन्होंने शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं प्रकट करते हुए ईश्वर से उन्हें इस दुख को सहने की शक्ति देने की कामना की।
सभा के अंत में सभी उपस्थित अधिवक्ताओं ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। इस दौरान पूरे परिसर में शोक और संवेदना का वातावरण छाया रहा। शोक सभा में वरिष्ठ अधिवक्ता मनीष मोहन जोशी, ज्योति प्रकाश बोरा, भगवत प्रसाद, अखिल साह, अशोक मौलखी, सोहन तिवारी, दीपक रुवाली, कैलाश जोशी, नवीन कुमार, पप्पू आर्या, चंद्रकांत बहुगुणा, गायत्री सुयाल सहित अनेक अधिवक्ता मौजूद रहे। पूरन सिंह भाकुनी के निधन ने न्यायिक समुदाय को गहरा आघात पहुंचाया है। उनके योगदान और व्यक्तित्व को लंबे समय तक याद किया जाता रहेगा।
