-डेंगू-मलेरिया की दस्तक से बढ़ी चिंता… जलभराव और गंदगी बनी आफत… अस्पतालों में बढ़ने लगी मरीजों की भीड़
द्रुप्ति झा / मुंबई
मानसून की बारिश ने मुंबईकरों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। जगह-जगह जमा गंदे पानी, जलभराव और खराब सफाई व्यवस्था के बीच अब शहर पर मौसमी बीमारियों का खतरा मंडराने लगा है। डेंगू, मलेरिया और लेप्टोस्पायरोसिस जैसी बीमारियों के बढ़ते मामलों ने नागरिकों की चिंता बढ़ा दी है। शुरुआती बारिश के बाद ही अस्पतालों की ओपीडी में बुखार, शरीर दर्द और संक्रमण से पीड़ित मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है।
बारिश के बाद जमा पानी मच्छरों के प्रजनन का बड़ा कारण बन रहा है। कई इलाकों में नालियां जाम होने और गंदगी जमा रहने से बीमारी पैâलने का खतरा और बढ़ गया है। हिंदमाता, सायन, कुर्ला, अंधेरी सबवे सहित कई जलभराव वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, बारिश के मौसम में साफ-सफाई की कमी और दूषित पानी के संपर्क में आने से वायरल बुखार, डेंगू, मलेरिया और लेप्टोस्पायरोसिस के मरीज बढ़ सकते हैं। नागरिकों को पानी जमा नहीं होने देने, साफ-सफाई रखने और बुखार के लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करने की सलाह दी जा रही है।
मुंबईकरों का आरोप है कि हर साल मानसून से पहले मनपा की ओर से बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन बारिश आते ही जलभराव और गंदगी की समस्या सामने आ जाती है। उनका सवाल है कि यदि करोड़ों रुपये स्वास्थ्य और सफाई व्यवस्था पर खर्च किए जाते हैं, तो फिर हर मानसून में बीमारी का खतरा क्यों बढ़ जाता है?
प्रशासन के सामने अब दोहरी चुनौती है। एक ओर जलभराव से निपटना और दूसरी ओर डेंगू-मलेरिया जैसी बीमारियों पर नियंत्रण पाना। यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले दिनों में स्वास्थ्य संकट और गहरा सकता है।
गंदगी से बढ़ रहा मच्छरों का प्रजनन
बारिश के बाद सड़कों, गलियों और खाली जगहों पर जमा गंदा पानी व गंदगी मच्छरों के प्रजनन का केंद्र बन गया है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे हालात डेंगू, मलेरिया और लेप्टोस्पायरोसिस जैसी बीमारियों के तेजी से फैलने का खतरा बढ़ा रहे हैं।
