श्रीकिशोर शाही
(अय्याश प्रिंस-३)
प्रिंस जेप्रâी की लूट का जश्न ऐसा था, जिसे देखकर दुनिया के बड़े-बड़े अरबपति भी शर्मिंदा हो जाएं। जब आप दूसरों का पैसा खर्च करते हैं तो कोई हिसाब नहीं होता। जेफ्री ने ब्रुनेई के खजाने को इसी तरह लुटाया। उसने दुनिया भर में ५०० से ज्यादा लग्जरी हवेलियां और संपत्तियां खरीद लीं। लंदन से लेकर बेवर्ली हिल्स तक, जहां भी उसकी नजर गई, वह इमारत उसकी हो गई।
लेकिन यह सिर्फ प्रॉपर्टी तक सीमित नहीं था। जेप्रâी को गाड़ियों का एक ऐसा सनकी शौक था, जिसे पूरा करने के लिए उसने दुनिया की हर महंगी कार बनाने वाली कंपनी को अपना गुलाम सा बना लिया था। उसके पास २,००० से ज्यादा कस्टमाइज्ड रोल्स रॉयस, फेरारी, एस्टन मार्टिन और बेंटले गाड़ियां थीं। कई गाड़ियां तो ऐसी थीं, जिन्हें उसने कभी चलाया ही नहीं, वे बस गैराज में धूल फांकती रहीं।
पैसे का नशा इस कदर उसके सिर पर चढ़ चुका था कि उसके लिए आम चीजें कोई मायने नहीं रखती थीं। उसने अपने महलों के लिए गोल्डेन टॉयलेट ब्रश मंगवाए। उसके पास ५ प्राइवेट जेट्स थे, जिनमें सोने के वॉशबेसिन लगे हुए थे। उसने हीरे जड़ी घड़ियों का ऐसा कलेक्शन बनाया, जिसकी कीमत करोड़ों डॉलर में थी। यहां तक कि उसने मशहूर पॉप स्टार माइकल जैक्सन को अपने जन्मदिन की पार्टी में गाने के लिए १७ मिलियन डॉलर (करीब १४० करोड़ रुपए) का भारी-भरकम भुगतान किया था।
यह एक अंधाधुंध और बेतहाशा खर्च था, जिसका कोई तार्किक कारण नहीं था। जेप्रâी सिर्फ दुनिया को यह दिखाना चाहता था कि वह कुछ भी खरीद सकता हैं। उसका यह बेलगाम खर्च ब्रुनेई की जनता की गाढ़ी कमाई पर एक भद्दा मजाक था। लेकिन जेप्रâी को कोई रोकने वाला नहीं था। सुल्तान को उस पर अंधा विश्वास था और कोई भी मंत्री जेप्रâी से सवाल पूछने की हिम्मत नहीं कर सकता था। यह खामोशी जेप्रâी के लिए एक खुली छूट बन गई थी और वह धीरे-धीरे एक ऐसे दलदल में उतर रहा था जहां से वापसी मुमकिन नहीं थी।
(शेष अगले अंक में)
