अनिल मिश्र | पटना
बिहार प्रदेश के गया जिला अंतर्गत सूबे के सबसे बड़े अनुमंडल शेरघाटी और टिकारी को रेलवे लाइन से जोड़ने की वर्षों पुरानी मांग को जल्द पूरा करने की मांग कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से की है।
मांग करने वालों में बिहार प्रदेश कांग्रेस कमिटी के प्रदेश प्रतिनिधि सह प्रवक्ता विजय कुमार मिठ्ठू, पूर्व विधायक मोहम्मद खान अली, शेरघाटी प्रखंड कांग्रेस कमिटी अध्यक्ष मोहम्मद शाहिद इमाम, अजित सिंह, उमेश सिंह, टिकारी प्रखंड कांग्रेस अध्यक्ष नाथून पासवान, बृज मोहन शर्मा, राजेंद्र सिंह, जय प्रकाश यादव, विपिन बिहारी सिन्हा, विशाल कुमार और मुन्ना मांझी सहित कई नेता शामिल हैं।
नेताओं ने बताया कि लगभग 27 वर्ष पहले तत्कालीन केंद्रीय रेल मंत्री नीतीश कुमार ने शेरघाटी अनुमंडल के इमामगंज में एक सभा के दौरान गया-डालटेनगंज रेल लाइन, जो शेरघाटी, बांकेबाजार, इमामगंज और डुमरिया होकर गुजरनी थी, की घोषणा की थी। बाद में वर्ष 2009 में तत्कालीन रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव ने शेरघाटी के रंगलाल हाई स्कूल में इस परियोजना का शिलान्यास किया और रेल बजट में 550 करोड़ रुपये की घोषणा भी की गई थी।
इसके बावजूद, 15 वर्ष बीत जाने के बाद भी इस परियोजना में कोई ठोस प्रगति नहीं हो सकी है। इसे लेकर स्थानीय लोगों में निराशा और असंतोष बढ़ता जा रहा है।
दूसरी ओर, ऐतिहासिक और गौरवशाली टिकारी अनुमंडल को भी अब तक रेलवे नेटवर्क से नहीं जोड़ा जा सका है। यहां दक्षिण बिहार केंद्रीय विश्वविद्यालय, ऐतिहासिक टिकारी किला और केशपा स्थित प्रसिद्ध माता मंदिर जैसे महत्वपूर्ण स्थल हैं। इसके बावजूद टिकारी, कोंच, कुरथा, अरवल, बिहटा और जहानाबाद को रेल मार्ग से जोड़ने की मांग वर्षों से लंबित है।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि शेरघाटी और टिकारी दोनों अनुमंडलों को रेलवे लाइन से जोड़ने से न केवल स्थानीय लोगों को सुविधा मिलेगी, बल्कि गया जिला, जो अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर अपनी विशेष पहचान रखता है, उसके विकास को भी नई गति मिलेगी।
उन्होंने केंद्र सरकार से इस परियोजना को प्राथमिकता देते हुए शीघ्र पूरा करने की मांग की है, ताकि क्षेत्र के लोगों को लंबे समय से लंबित इस बुनियादी सुविधा का लाभ मिल सके।
