राजेश सरकार
प्रयागराज। शनिवार को तहसील सदर में आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस ने एक बार फिर प्रशासनिक कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए। जहां एक ओर आम जनता अपनी समस्याओं के समाधान की उम्मीद लेकर पहुंची, वहीं 164 में से केवल 8 शिकायतों का मौके पर निस्तारण होना व्यवस्था की रफ्तार पर गंभीर सवाल खड़ा करता नजर आया। जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने हालात को भांपते हुए अधिकारियों को सख्त चेतावनी दी कि जनशिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही या उदासीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने साफ कहा कि तय समयसीमा में गुणवत्तापूर्ण समाधान नहीं देने वाले अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई तय है। इस दौरान प्रशासन की ढिलाई भी उजागर हुई, जब बमरौली उपरहार क्षेत्र के लेखपाल हिमांशु मुखर्जी पर लापरवाही का आरोप सामने आया। डीएम ने तत्काल कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। वहीं तहसीलदार सदर और रजिस्ट्रार कानूनगो से लंबित मामलों को लेकर स्पष्टीकरण भी तलब किया गया।
समाधान दिवस में सबसे अधिक शिकायतें राजस्व विभाग (68) से जुड़ी रहीं, जबकि पुलिस से 41, नगर निगम से 28 और अन्य विभागों से 27 मामले सामने आए। इससे साफ है कि जमीनी स्तर पर समस्याएं अब भी जस की तस बनी हुई हैं। एक मामले में जवाहरगंज निवासी सन्नो देवी ने सरकारी और निजी जमीन पर जबरन कब्जे की शिकायत की, जिस पर डीएम ने तत्काल जांच टीम गठित कर उसी दिन रिपोर्ट देने के निर्देश दिए। यह दिखाता है कि शिकायतें गंभीर हैं, लेकिन कार्रवाई की गति पर सवाल कायम हैं। हालांकि कार्यक्रम के दौरान पोषण अभियान के तहत 3 महिलाओं की गोद भराई और 2 बच्चों का अन्नप्राशन भी कराया गया। लेकिन असल मुद्दा यही रहा कि जनता की समस्याओं के समाधान में अब भी प्रशासनिक मशीनरी सुस्त नजर आ रही है। डीएम ने स्पष्ट कर दिया कि जन-शिकायतों का निस्तारण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
