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नहीं लिया जाएगा राहुल गांधी की आवाज का नमूना-कोर्ट

गृह मंत्री शाह पर आपत्तिजनक टिप्पणी…सुल्तानपुर में मानहानि केस की सुनवाई

सामना संवाददाता / सुल्तानपुर

गृहमंत्री अमित शाह पर आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले को लेकर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से जुड़े मानहानि केस में उनकी आवाज का नमूना (वॉइस सैंपल) लेने की याचिका सुल्तानपुर की विशेष अदालत (एमपी/एमएलए) ने शनिवार को खारिज कर दी है। मामले की अगली सुनवाई अब ११ मई को होगी। वादी बीजेपी नेता विजय मिश्र के अधिवक्ता संतोष पांडेय ने बताया कि वह इस आदेश के खिलाफ सेशन कोर्ट में पुनरीक्षण याचिका दाखिल करेंगे।
पांडेय ने सीआरपीसी की धारा ३११ के तहत आवेदन कर केस डायरी में मौजूद सीडी से मिलान के लिए राहुल का ‘वॉइस सैंपल’ लेने व उसे विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजने की मांग की थी। इस पर पिछली सुनवाई 22 अप्रैल को हुई थी। शनिवार को राहुल के अधिवक्ता काशी प्रसाद शुक्ला और वादी के अधिवक्ता संतोष कुमार पांडेय की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने अर्जी खारिज कर दी।
बता दें कि भाजपा नेता मिश्र ने अक्तूबर १८ में यह मानहानि केस दर्ज कराया था। राहुल गांधी ने २० फरवरी २४ को अदालत में आत्मसमर्पण किया था। इसके बाद विशेष मजिस्ट्रेट ने उन्हें २५-२५ हजार रुपये के मुचलकों पर जमानत दे दी थी। राहुल गांधी ने खुद को निर्दोष बताते हुए इसे राजनीतिक साजिश करार दिया था। उसके बाद अदालत ने वादी पक्ष को साक्ष्य प्रस्तुत करने का निर्देश दिया था। गवाह पेश किए जा रहे हैं। इससे पहले २० फरवरी को राहुल गांधी ने कोर्ट में अपना बयान दर्ज कराया था। तभी से अदालत ने उन्हें इस संबंध में सफाई और साक्ष्य देने को कहा था। हालांकि उनके अधिवक्ता काशी प्रसाद शुक्ल ने अदालत में कोई सफाई या साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया। बता दें कि सुल्तानपुर के हनुमानगंज निवासी विजय मिश्र ने राहुल गांधी पर २०१८ में कर्नाटक विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा के तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने का आरोप लगाया था। जिसपर मिश्र ने मानहानि का ये मुकदमा दायर किया।

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