-…दादर स्टेशन पर ‘लव स्टोरी’ या कानून की अनदेखी?
-सवाल कानून पर, जवाब किसके पास?
जेदवी
मुंबई के दादर रेलवे स्टेशन का एक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में एक पुरुष रेलवे ट्रैक पर एक महिला की पिटाई करता दिखाई दे रहा है। दावा किया जा रहा है कि दोनों पति-पत्नी हैं, हालांकि पुलिस ने अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
जांच में सामने आया है कि पहले महिला रेलवे ट्रैक पर उतरी और उसके पीछे पुरुष भी ट्रैक पर चला गया। इसके बाद दोनों के बीच कहासुनी हुई, जो देखते ही देखते मारपीट में बदल गई। हैरानी की बात यह है कि कुछ देर बाद दोनों स्टेशन परिसर में सामान्य रूप से बातचीत करते नजर आए। इतना ही नहीं, पुरुष ने महिला के लिए खाना खरीदा और उसे नांदेड़ जाने वाली नंदीग्राम एक्सप्रेस में बैठाकर वहां से चला गया।
लेकिन इस पूरी घटना का सबसे गंभीर पहलू घरेलू विवाद नहीं, बल्कि रेलवे ट्रैक पर उतरना है। ट्रैक पर प्रवेश करना न केवल रेलवे अधिनियम के तहत दंडनीय अपराध है, बल्कि इससे रेल यातायात और यात्रियों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ सकती है। जब वायरल वीडियो और सीसीटीवी फुटेज में दोनों के ट्रैक पर उतरने की बात सामने आ चुकी है, तो आखिर अब तक रेलवे कानून के तहत मामला दर्ज क्यों नहीं किया गया?
यह सही है कि महिला ने मारपीट की कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई, इसलिए उस मामले में एफआईआर नहीं हुई, लेकिन ट्रैक पर उतरने का अपराध किसी निजी शिकायत का मोहताज नहीं है। यह सार्वजनिक सुरक्षा से जुड़ा मामला है, जिसमें रेलवे पुलिस स्वत: संज्ञान लेकर कार्रवाई कर सकती है।
हाल ही में बोरीवली और कांदिवली स्टेशन के बीच ट्रेन में मयंक लोहार हत्याकांड के बाद रेलवे ने सुरक्षा बढ़ाने के बड़े-बड़े दावे किए थे आखिर इस समय वह सुरक्षाकर्मी कहां गायब थे।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या रेलवे कानून केवल आम यात्रियों के लिए है, या वायरल वीडियो में दिख रहे लोगों पर भी समान रूप से लागू होगा? दादर स्टेशन की यह घटना फिलहाल सोशल मीडिया पर बहस का विषय बनी हुई है और सबकी निगाहें रेलवे पुलिस की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।
वायरल वीडियो से उठे बड़े सवाल
दादर स्टेशन पर ट्रैक पर उतरकर मारपीट का वीडियो वायरल होने के बाद रेलवे सुरक्षा व्यवस्था सवालों के घेरे में है। घरेलू विवाद से अलग, ट्रैक पर प्रवेश रेलवे कानून के तहत दंडनीय अपराध है। अब निगाहें इस पर हैं कि रेलवे पुलिस स्वतः संज्ञान लेकर कार्रवाई करती है या नहीं।
