मुख्यपृष्ठनए समाचारहिंदुस्थानियों बचकर, अश्लीलता फैलाओगे तो ट्रंप चचा दबोच लेंगे!

हिंदुस्थानियों बचकर, अश्लीलता फैलाओगे तो ट्रंप चचा दबोच लेंगे!

-अमेरिकी संस्था की निशानदेही पर यूपी में पकड़ा गया बाल यौन अभियुक्त!

-मोबाइल से बरामद हुईं १,००० से ज्यादा चौंकानेवाली अश्लील वीडियो क्लिप

सामना संवाददाता / मुंबई

डिजिटल और सोशल मीडिया के इस दौर में अश्लीलता तेजी से पैâल रही है। अफसोस की बात है कि भारत सरकार अश्लीलता को रोक पाने में पूरी तरह से सफल नहीं हो पा रही है। ऐसे में अब ट्रंप चचा को कमर कसनी पड़ी है। जी हां, यूपी के एटा का रहनेवाला एक शख्स जो अश्लीलता का किंग बन गया था, उसे ट्रंप चचा ने दबोच लिया। असल में अमेरिकी संस्था की निशानदेही पर एटा से इस बाल यौन अभियुक्त को पकड़ा गया है। इस अभियुकत के माोबाइल फोन से दो-चार नहीं बल्कि पूरे १,००० से ज्यादा अश्लील क्लिप मिली हैं।
कई ईमेल का उपयोग
जांच और डिजिटल साक्ष्य पुलिस के अनुसार, इस मामले में डिजिटल टूल्स के दुरुपयोग के संकेत मिले हैं। आरोपी द्वारा इंटरनेट पर अपनी पहचान छिपाने और अवैध गतिविधियों को अंजाम देने के लिए विभिन्न ईमेल आईडी और तकनीकी माध्यमों का उपयोग किया जा रहा था।
अमित शाह के मंत्रालय ने नहीं, अमेरिका ने दबोचा बाल यौन अपराधी!
देश में अपराधों की रोकथाम का जिम्मा गृह मंत्रालय का होता है। पर देश में विपक्षी पार्टियों को तोड़ने में मशगूल गृह मंत्री अमित शाह का ध्यान अपराधों की रोकथाम पर है ही नहीं। यही वजह है कि अमेरिका को यह काम करना पड़ रहा है। उत्तर प्रदेश के एटा जिले की पुलिस ने बाल यौन शोषण सामग्री (सीएसएएम) के विरुद्ध एक महत्वपूर्ण कानूनी कार्रवाई करते हुए एक स्थानीय व्यवसायी को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई अंतर्राष्ट्रीय और राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियों से प्राप्त तकनीकी इनपुट्स के आधार पर की गई है। यह मामला डिजिटल निगरानी और साइबर सुरक्षा तंत्र के माध्यम से सामने आया।
क्लाउड पर किया था स्टोर
अमेरिकी संस्था एनसीएमईसी (नेशनल सेंटर फॉर मिसिंग एंड एक्सप्लॉइटेड चिल्ड्रन) ने क्लाउड स्टोरेज पर संदिग्ध सामग्री की पहचान की और इसकी सूचना भारत के केंद्रीय गृह मंत्रालय को दी। राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) गृह मंत्रालय की साइबर विंग ने प्राप्त जानकारी को संबंधित राज्य की पुलिस के साथ साझा किया, जिसके बाद एटा साइबर सेल ने त्वरित कार्रवाई की।
साक्ष्यों का विश्लेषण
बरामद किए गए डेटा में छेड़छाड़ की गई (मॉर्फ्ड) सामग्री भी शामिल है, जिसे तकनीकी उपकरणों की सहायता से तैयार किया गया था। एटा पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध पॉक्सो एक्ट और आईटी एक्ट की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर न्यायिक प्रक्रिया शुरू कर दी है। अधिकारियों द्वारा डिजिटल अपराधों के नेटवर्क की गहनता से जांच की जा रही है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

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