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मनपा में फर्जी रिपेयर परमिशन का खेल? … काशीमीरा के गाले से खुला कथित महाघोटाले का मामला

 

सुरेश गोलानी / मुंबई
रिश्वतखोरी और भ्रष्टाचार को लेकर हमेशा सुर्खियों में रहने वाली मीरा-भायंदर महानगरपालिका में एक और कथित फर्जीवाड़ा सामने आया है। मामला मनपा के प्रभाग क्रमांक-६ से जुड़ा है। काशीमीरा स्थित जनता डेरी कंपाउंड में एक गाले के नाम पर जारी कथित फर्जी मरम्मत परमिशन के उजागर होने से शहर में हड़कंप मच गया है।
प्रभाग अधिकारी भारत सोनारे के अनुसार, उनके कार्यालय को स्थानीय अखबार के संपादक आबाजी सावंत द्वारा २७ मार्च २०२६ को फर्जी मरम्मत परमिशन को लेकर शिकायत प्राप्त हुई थी। शिकायत के बाद जब आंतरिक जांच की गई, तब इस बात का खुलासा हुआ कि संबंधित परमिशन देने का कोई भी प्रमाण या आउटवर्ड नंबर (जावक संख्या) प्रभाग कार्यालय के रजिस्टर में दर्ज ही नहीं है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए भारत सोनारे ने ५ मई २०२६ को तत्कालीन प्रभाग अधिकारी प्रियंका भोसले को औपचारिक पत्र भेजकर जानकारी दी। उल्लेखनीय है कि कथित फर्जी परमिशन पर प्रियंका भोसले के कार्यकाल की तारीख दर्ज है। इसके जवाब में भोसले ने स्पष्ट किया कि मरम्मत परमिशन के दस्तावेज पर उनके फर्जी हस्ताक्षर किए गए हैं और उन्होंने इस प्रकार की कोई अनुमति जारी नहीं की थी।
जानकारी के अनुसार, प्रियंका भोसले ने इस संबंध में काशीमीरा पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई है। सूत्रों की मानें तो संबंधित गाला धारक ने कथित फर्जी परमिशन के आधार पर न केवल अवैध निर्माण कार्य किया, बल्कि तोड़क कार्रवाई से बचने के लिए न्यायालय से स्टे ऑर्डर भी हासिल कर लिया। भारत सोनारे ने बताया कि पूर्व प्रभाग अधिकारी द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत पर पुलिस जांच कर रही है। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं काशीमीरा पुलिस थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक राजेंद्र कांबले ने बताया कि मामले की जांच जारी है।
गौरतलब है कि मनपा में रिपेयर परमिशन जारी करने को लेकर न तो कोई स्पष्ट नीति है और न ही कोई वैधानिक प्रावधान। इसके बावजूद शहर में मरम्मत के नाम पर सैकड़ों अवैध निर्माण खड़े हो चुके हैं। आरोप है कि मनपा में बैठे कुछ भ्रष्ट अधिकारियों के संरक्षण में पुराने ढांचे की आड़ में नए अनधिकृत निर्माण किए जा रहे हैं। यह मामला केवल एक गाले तक सीमित नहीं माना जा रहा। यदि निष्पक्ष और गहराई से जांच की गई, तो कथित फर्जी रिपेयर परमिशन घोटाले का बड़ा खुलासा हो सकता है।

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