सामना संवाददाता / नई दिल्ली
अमेरिकी सुरक्षा एजेंसी की चार वर्ष लंबी जांच ने चीन ईस्टर्न एयरलाइंस हादसे को लेकर चौंकाने वाली जानकारी सामने रखी है। इस रिपोर्ट के बाद पिछले वर्ष अमदाबाद में हुए एयर इंडिया फ्लाइट १७१ हादसे को लेकर भी नए सवाल उठने लगे हैं, क्योंकि इस जांच में भी बोइंग के फ्यूल स्विच पर ही प्रश्नचिह्न लगा है।
रिपोर्ट के अनुसार, चीन ईस्टर्न एयरलाइंस के बोइंग ७३७ विमान के दोनों इंजनों की ईंधन आपूर्ति दुर्घटना से पहले बंद थी। यह विमान चीन के तेंगशियन काउंटी, वुझोउ के पास पहाड़ी क्षेत्र में दुर्घटनाग्रस्त हुआ था। मार्च २०२२ में हुए इस हादसे में १३२ लोगों की मौत हुई थी। लिहाजा, एयर इंडिया- १७१ हादसे के ११ महीने बाद अब जांच का केंद्र फिर से फ्यूल स्विच की भूमिका पर आ गया है। अमदाबाद हादसे और चीन ईस्टर्न हादसे में एक अजीब समानता दिखाई देती है।
पायलट फेडरेशन ने ह्यूमन हस्तक्षेप से किया है इनकार
फेडरेशन ऑफ इंडियन पायलट्स यानी एफआईपी ने १ मई को नागरिक उड्डयन मंत्रालय को लिखे पत्र में यह संभावना जताई कि विमान में उड़ान भरने से पहले कोई इलेक्ट्रिकल डिस्टर्बेंस यानी विद्युत गड़बड़ी हुई हो सकती है। एफआईपी का कहना है कि लिथियम-आयन बैटरी की खराबी, असामान्य वोल्टेज में रिले के व्यवहार और बोइंग ७८७ की इलेक्ट्रिकल डिजाइन को देखते हुए, बिना पायलट के हस्तक्षेप के भी दोनों इंजनों की ईंधन आपूर्ति बंद हो सकती थी। हालांकि, विमानन विशेषज्ञों का कहना है कि फ्यूल कटऑफ स्विच को सामान्य रूप से मानवीय हस्तक्षेप के बिना बदला नहीं जा सकता।
एआई १७१ दुर्घटना पर जून में अंतिम रिपोर्ट
एएआईबी की अंतिम रिपोर्ट १२ जून २०२६ तक आने की संभावना है। अंतर्राष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन यानी आईसीएओ के नियमों के अनुसार, किसी विमान हादसे की अंतिम रिपोर्ट घटना के १२ महीने के भीतर जारी किए जाने की सिफारिश की जाती है। उधर, एनटीएसबी ने स्पष्ट किया है कि चीन ईस्टर्न एयरलाइंस के विमान में जांच के दौरान कोई तकनीकी सुरक्षा खामी नहीं मिली।
३ सेकंड में ही कटऑफ हो गए थे दोनों इंजन
भारत के एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो यानी एएआईबी ने १२ जुलाई २०२५ को जारी अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट में कहा था कि एयर इंडिया १७१ के उड़ान भरने के तीन सेकंड बाद दोनों फ्यूल कंट्रोल स्विच ‘रन’ से ‘कटऑफ’ स्थिति में चले गए थे। इससे साढ़े ग्यारह वर्ष पुराने बोइंग ७८७-८ ड्रीमलाइनर के दोनों इंजन बंद हो गए। दिलचस्प बात यह है कि दोनों विमान बोइंग कंपनी के थे। इधर, भारत में पायलट संगठनों ने एएआईबी की प्रारंभिक रिपोर्ट का कड़ा विरोध किया है, जिसमें संकेत दिया गया था कि दुर्घटना में किसी पायलट की भूमिका हो सकती है।
