सामना संवाददाता / मुंबई
मुंबई की उपकरप्राप्त पगड़ी इमारतों और उपनगरों की गैर-उपकरप्राप्त इमारतों की मरम्मत के लिए मानसून से पहले तत्काल निधि उपलब्ध कराई जाए। इस तरह की मांग शिवसेना नेता, युवासेनाप्रमुख व विधायक आदित्य ठाकरे ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से की है।
आदित्य ठाकरे इससे पहले भी मुख्यमंत्री फडणवीस के समक्ष यह मांग उठा चुके हैं। अब उन्होंने इस संबंध में मुख्यमंत्री को स्मरण पत्र भी सौंपा है। महाविकास आघाड़ी सरकार के दौरान उपकरप्राप्त पगड़ी इमारतों के पुनर्विकास के लिए नियम ७९-ए(१)(अ) और ७९-ए(१)(बी) के तहत कानून बनाया गया था। लेकिन पिछले दो वर्षों से यह मामला अदालत में लंबित है। आदित्य ठाकरे ने अपने पत्र में कहा है कि मुंबई की लगभग १४ हजार इमारतों में रहने वाले लाखों निवासी अब भी न्याय की प्रतीक्षा कर रहे हैं। पत्र में आदित्य ठाकरे ने इन इमारतों में रहने वाले नागरिकों की चार प्रमुख मांगों का भी उल्लेख किया है। इसमें उन्होंने कहा है कि सभी किरायेदारों का विशेष अभियान चलाकर उचित पंजीकरण किया जाए। सभी किरायेदारों को मकान मालिकों की दबंगई और बेदखली की कार्रवाई से संरक्षण दिया जाए। जिन इमारतों को मरम्मत की आवश्यकता है, उन्हें मुख्यमंत्री के विशेष अधिकार निधि से मानसून से पहले तत्काल आर्थिक सहायता दी जाए। अदालत में लंबित मामले में मुख्यमंत्री व्यक्तिगत रूप से ध्यान दें।
